बजरंग पंडित
प्रखंड मुख्यालय स्थित गैस ऑफिस के समीप धीरेन माल के निजी आवास में अखिल झारखंड माल (पहाड़िया) उन्नयन समिति का राज्यस्तरीय महासम्मेलन का आयोजन किया गया. जिसमे जामताड़ा, धनबाद, देवघर, बोकारो, दुमका व पाकुड़ के संगठन शामिल हुए. बैठक में माल जाति, पहाड़िया जनजाति के हित को लेकर चर्चा की गई. बैठक में चर्चा करते हुए समिति के अध्यक्ष धीरेन माल ने कहा कि माल जाति, पहाड़िया जनजाति के उपजाति होने के बावजूद आजादी के बाद से यह जाति प्रमाण पत्र संबंधी समस्या से जूझ रहे हैं. संथाल परगना कुछ जिले के कुछ अंचलों में माल जाति के लोगों को पहाड़िया जाति का जाति प्रमाण पत्र दिया जाता है. और कहीं इसे किसी भी श्रेणी में नहीं रखा गया है. यह जातियां संपूर्ण कागजी प्रमाण पत्र होने के बावजूद अपने अधिकार से दशकों से वंचित है. इन जातियों के 99% लोग गरीब मजदूर और भूमिहीन किसान है. माल मल्लिक लया जाती अपने जाति प्रमाण पत्र के लिए काफी लंबे समय से सरकार से मांग कर रही है. लेकिन सरकार माल जाति के दयनीय स्थिति की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही है. उन्होंने कहा कि इस जाति के लोग अपने बच्चों को पढ़ा नहीं पाते हैं. माल जाति सामाजिक आर्थिक और शैक्षणिक सभी पहलुओं में अत्यंत पिछड़े है. इसलिए लोग अपने अधिकार के लिए भविष्य में सरकार के विरुद्ध कड़ी निर्णय लेने के लिए बाध्य होंगे. उन्होंने कहा कि माल जाति के लोग भविष्य में आंदोलन धर्मांतरण एवं मत बहिष्कार के पथ पर अग्रसर हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि सूबे की सरकार माल जाति को अपना उचित अधिकार देने की कृपा करें ताकि समाज में शांति बनी रहे. इस अवसर पर समिति के सक्रिय सदस्य सुबल मल्लिक, रामू मल्लिक, रामजय, अमल मल्लिक, पार्थ मल्लिक, श्रीधर चंद्र माल, बामाचरण माल, दुलाल चंद्र माल, रामप्रसाद मल्लिक, प्रशांत लया, प्रदीप मल्लिक, राजीव मल्लिक सहित सैकड़ों संगठन के सदस्य मौजूद थे.







