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March 10, 2026 10:32 pm

बाल विवाह मुक्त उन्मूलन हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया

धीरेन साहा

पाकुड़िया लोक कल्याण सेवा केंद्र राजीव रंजन उपस्थिति में पंचायत स्तरीय कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागी को बाल विवाह मुक्त करने हेतु ग्राम पंचायत वासेतकुंड़ी में आशा,गर्ल्स नोट ब्राइड के बैनर तले कल्याण सेवा केंद्र एवं जिला बाल संरक्षण इकाई पाकुड़ के द्वारा संयुक्त रूप से बाल विवाह मुक्त उन्मूलन हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन मुखिया बसंती हांसदा की अध्यक्षता में की गई। इस कार्यशाला में उपस्थित उपमुखिया अजय भंडारी व सभी जनप्रतिनिधि,रोजगार सेवक, स्वास्थ्य सहिया,आंगनबाड़ी सेविका, जल सहिया को बाल विवाह मुक्त अभियान को लेकर विस्तृत रूप से बताया गया पंचायत में बाल विवाह मुक्त जागरूकता के लिए उपस्थित सभी बाल विभाग के बारे में बताया गया कि बाल विवाह कैसे हमारे समाज के लिए एक अभिशाप है इसको रोकने के लिए ग्राम स्तर सभी को मिलकर जागरूकता करने की बात कही गई। साथ ही साथ यह भी बताया गया कि 18 वर्ष से कम लड़की एवं 21 वर्ष से कम लड़का यदि शादी होती है तो उसकी सूचना पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव सह पंचायत स्तरीय बाल विवाह उन्मूलन पदाधिकारी एवं मुखिया को दें। उपमुखिया अजय भंडारी ने बताया कि बाल विवाह के वजह से बच्चियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है और उनकी शिक्षा भी प्रभावित होती है। जिससे उनको जिंदगी भर दुश्वारियां में गुजर-बसर करना पड़ता है।लोक कल्याण सेवा केंद्र राजीव रंजन द्वारा पंचायत स्तरीय कार्यशाला उपस्थित प्रतिभागी को बाल विवाह मुक्त करने हेतु मुख्य चार बातें कहीं गई सशक्त किशोर किशोरियां किशोरियों को उसके अधिकार के बारे में जागरूक करना निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना किशोरियों को संगठित कर उसके हक के बारे में बताना परिवार एवं समुदाय को संगठित करना अर्थात परिवार ओम समुदाय को बताना है कि बाल विवाह हमारे समाज के लिए एक अभिशाप है जिसके कारण जच्चा बच्चा दोनों को खतरा हो सकता है सरकारी सुविधाओं और सेवाओं का समुचित सरकार द्वारा किशोरियों को छात्रवृत्ति योजना के अलावा सावित्रीबाई फुले योजना की स्कीम के बारे में भी जानकारी दी गई ताकि कोई भी बच्ची ड्रॉपआउट ना हो और बाल विवाह का शिकार ना हो पाए सावित्री फुले बाई योजना के तहत वर्ग अष्टम नवम को सरकार के द्वारा वार्षिक ढाई हजार रुपया खाते में जमा होती है एवं दसवीं
, ग्यारहवीं एवं बारहवीं वर्ग के बच्ची को उनके खाते में वार्षिक ₹5000 जमा की जाती है इस योजना से बच्चियां विद्यालय से जुड़ने लगी।कानूनों और नीतियों की स्थापना और कार्यान्वयन सभी स्टेक होल्डर को को बताया गया कि बाल विवाह कानून में सजा और दंड दोनों का प्रावधान किया गया है। इस कार्यक्रम में संस्था के अनिल कुमार, सुचित्रा मुर्मू, एरिका मरांडी एवं अन्य ग्रामवासी उपस्थित हुए।

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