लिट्टीपाड़ा में कई ऐसे पंचायत है जहां प्रशासन की उच्च स्तरीय जांच हुई तो खुलेगी हर गांव में मनरेगा की पोल।
मनरेगा योजना के तहत बनी सिचाई कूप भ्रष्टाचारियों का हुआ शिकार
बीचामहल में भी आधा दर्जन से भी अधिक सिंचाई कूप ध्वस्त होने की कगार पर
रिपोर्ट- बजरंग पंडित
पाकुड़/महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना सरकार की प्रमुख योजना है, जिसपर प्रखंड के पदाधिकारी, इंजीनियर, पंचायत सेवक रोजगार सेवक एवं मनरेगा बिचौलिया के द्वारा हमेशा मनरेगा की योजना में ग्रहण लगाते आए हैं, लिट्टीपाड़ा प्रखंड अंतर्गत नावाडीह पंचायत के देवपुर ग्राम में मरांगबीटी हासदा के जमीन पर मनरेगा योजना के तहत सिंचाई कूप का निर्माण 4,47,421 रुपए की लागत से बनवाया गया था, लेकिन सिंचाई कूप कुछ ही महीनों में ध्वस्त होने की कगार पर है,कुछ ने तो पहले ही दम तोड़ दिया है,सिंचाई कूप का चारों तरफ से फट जाना सिंचाई कूप की गहराई भी कम देखी जा रही है कूप को देखने से साफ यही प्रतीत होता है कि अभियंता एवं संवेदक द्वारा सरकारी पैसों का बंदरबांट किया गया, नाम ना छापने की शर्त पर कुछ ग्रामीणों ने बताया कि जब कूप का निर्माण किया जा रहा था,
तब भी अभियंता के द्वारा,अनियमितता बरती गई थी एवं संवेदक अपने मनमानी तरीके से कार्य करवा रहे थे, सरकार और प्रशासन के मेहनत से योजना धरातल पर सफल हो जाए तो ग्रामीण भी खुश और सुखी होंगे,लेकिन विभागीय और बिचौलिया की सेटिंग के चलते ही सारी योजना कुछ महीने में ही दम तोड़ देती है, लिट्टीपाड़ा के कई पंचायत,कुंजबोना,सुरजबेड़ा, नावाडीह,बिचामहल, तलझारी, जबरदहा,और भी कई ऐसे पंचायत है जहां मनरेगा की योजना में खुल्लम खुल्ला लूट हुई है।कई ग्रामीणों ने दबे आवाज में बताया की विभाग के द्वारा मनरेगा की कोई भी योजना स्वीकृत होती है तो योजना पर इंजीनियर और संवेदक हावी रहते हैं, काम मात्र नाम का होता है, मनरेगा के मलाई है भाई जिसमे विभाग के अधिकारी, इंजीनियर,कर्मचारी एवं बिचौलिया मिल बांट कर खा रहे हैं,सबका साथ सबका विकास वाली बात है।












