सतनाम सिंह
अमरापाड़ा/कहते हैं किसी चीज को पाने की दिल में इच्छाशक्ति हो पूरे लगन से इसके लिए प्रयास किया जाए तो सफलता एक दिन जरूर कदम चूमती है। इसी को चरितार्थ किया है जिले के सबसे छोटे प्रखंड अमड़ापाड़ा की बहू तृप्ति कुमारी ने। मंगलवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अर्थात यूजीसी द्वारा प्रकाशित नेट के परीक्षा परिणाम में तृप्ति ने लाइब्रेरी साइंस विषय से सफलता हासिल कर अपने परिवार समेत जिले का नाम रौशन किया है। तृप्ति यूजीसी नेट परीक्षा पास करने वाली अमड़ापाड़ा की पहली बहू बन गई हैं। उनके नेट क्वालीफाई करने से परिवार में हर्ष का माहौल है।
विवाह के उपरांत जिम्मेवारियों को संभालते हुए संघर्ष ने दिलाई सफलता,
नेट परीक्षा पास करने के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए आहर्ता को पूर्ण करने वाली तृप्ति का संघर्ष से युवा छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा बन सकती है। उनकी लगन और मेहनत का ही परिणाम है कि विवाहोपरांत परिवार की तमाम जिम्मेवारियों को संभालते हुए उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। तृप्ति बताती हैं कि 2009 में इंटरमीडिएट पास करने के कुछ दिनों बाद ही उनका विवाह हो गया। परंतु, उनके आगे पढ़ने की इच्छा को ससुराल से सम्मान मिला और उन्होंने सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय से बीसीए (बैचलर इन कम्प्यूटर एप्लिकेशन) किया। फिर, पति की प्रेरणा से उन्होंने नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी से बिलिब (बैचलर इन लाइब्रेरी साइंस) एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विश्वविद्यालय से एमलिब (मास्टर इन लाइब्रेरी साइंस) किया। उन्होंने बताया कि एमलिब करने के बाद नेट क्वालीफाई करना उनका सपना था और इसके लिए परिवार का सहयोग सबसे आवश्यक हो जाता है। तृप्ति ने कठिन मेहनत कर इस मुकाम को हासिल किया है। वे कहती हैं यदि मन में किसी चीज को पाने की इच्छाशक्ति हो और लगन से इसके लिए प्रयास किया जाए तो सफलता एक दिन जरूर मिलती है। वे अपनी सफलता का श्रेय अपने परिश्रम के अलावे अपने पूरे परिवार, पति संतोष गुप्ता और देवघर से ऑनलाइन कोचिंग क्लास चलाने वाले राहुल मिश्रा व शिक्षक नरेश दे को देतीं हैं।
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