जितेंद्र कुमार यादव
एक तरफ केंद्रीय सरकार हर तरह की योजनाओं में चली आ रही दलाल प्रथा एवं बिचौलिए की श्रृंखला को समूल नाश करने को प्रतिबद्ध है तो वहीं दूसरी ओर झारखंड राज्य की कई कल्याणकारी योजनाओं में बिचौलिया हावी हैं एवं जमकर लूट मचा रहे हैं । ऐसा ही एक मामला पाकुड़ जिले के हिरणपुर प्रखंड के बागशीशा पंचायत के देवापड़ा गांव का है जहाँ किसानो को समर्पित बिरसा हरित ग्राम योजना में कार्यालय के बाहर एवं कार्यालय के अंदर चक्कर लगाने वाले दलाल हावी हैं जिसके कारण योजना का लाभ धरातल पर पहुँचने से पहले ही दम तोड़ने को बाध्य नजर आती है । गौरतलब हो कि किसानों के कल्याण एवं उनकी आय में वृद्धि करने के लिए झारखंड सरकार द्वारा एक नई योजना, बिरसा हरित ग्राम योजना प्रारंभ की गई है । इस योजना के तहत सरकार द्वारा राज्य के किसानों को पौधे प्रदान किए जाने का प्रावधान है । इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा एक किसान परिवार को कम से कम 100 और अधिकतम 300 पौधे उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान किया गया है ताकि किसानो की उनकी आय में वृद्धि हो सके एवं उनका आर्थिक संवर्धन हो सके । सूत्र बताते है कि झारखंड सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना में भी बिचौलियों की महत्वाकांक्षा वाली मानसिकता हावी हो गई है । सूत्रों की मानें तो पौधा वितरण में पैठ कर चुकी बिचौलिया प्रथा के कारण कागजी तो सबकुछ बेहतर है पर धरातल में हकीकत कुछ और ही दिखती है । सूत्रों के मुताबिक पेड़ और पौधे का वितरण में चयनित लाभार्थियों में उन्हीं को पौधे वितरण किए जा रहे हैं जिनका चयन बिचौलिया करते हैं ।






