अब्दुल अंसारी
प्रखंड में फाइलेरिया उन्मूलन के तहत एमडीए-आईडीए का चल रहे कार्यक्रम को लेकर सोमवार को स्वास्थ्य कर्मीयो एवं प्रशासकों द्वारा तलवा , धावाडंगाल , खजूरडंगाल , लागडुम , बरमसिया सहित दर्जनों गांव में लोगों के घर घर जाकर दवा खिलाया गया । वहीं बेलपहाड़ी सेंट लुक्स स्कूल में स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा लगभग 538 बच्चों को फाइलेरिया की दवा खिलाया गया । प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ भरत भूषण भगत ने जानकारी देते हुए बताया कि यह दवा का सेवन जिले के उच्चाधिकारियों ने भी किया है । फाइलेरिया की दवा से कोई साइडइफेक्ट नहीं है बस इसे खाली पेट में नहीं खाना है । उन्होंने मौजूद लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि फाइलेरिया की दवा दो वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को खाना है । फाइलरिया एक वेक्टर जनित ऐसी बीमारी है जिसकी वजह से प्रभावित अंगों जैसे हाथ,पांव का फूलना तथा हाइड्रोसील होता है । इसीलिए बीमारी होने से पूर्व ही सभी योग्य लाभुकों को डीईसी की गोली , अल्बेंडाजोल उम्र के अनुसार एवं आईवरमैक्टिंन की दवा ऊंचाई के अनुसार साल में एक बार जरूर सेवन करना चाहिए । मौके पर डॉ मंजर आलम , एमपीडब्ल्यू प्रभात दास सहित आंगनबाड़ी सेविका , स्वास्थ्य सहिया सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।






