Search

June 19, 2026 4:57 pm

वैज्ञानिक खेती से बदली जुयेल की किस्मत, अब बन चुके हैं आत्मनिर्भर किसान

3 एकड़ जमीन से रोजाना 3500 रुपये की कमाई

पाकुड़: महेशपुर प्रखंड के भेटाटोला पंचायत स्थित अहिल्यापुर गांव के किसान जुयेल हांसदा ने वैज्ञानिक तकनीकों से खेती कर सफलता की नई इबारत लिख दी है। पहले परंपरागत खेती के भरोसे जीवन यापन करने वाले जुयेल अब हर दिन 3,500 रुपये की सब्जियां बेचकर अपने परिवार का बेहतर तरीके से पालन-पोषण कर रहे हैं।जुयेल के पास कुल 3 एकड़ भूमि है, जिसमें पहले पारंपरिक फसलें उगाई जाती थीं, जिससे आमदनी बेहद सीमित थी। लेकिन कृषि विभाग के सहायक तकनीकी प्रबंधक की पहल पर जुयेल को उद्यानिकी फसलों की जानकारी दी गई और उन्हें पांच दिवसीय प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।प्रशिक्षण के बाद जुयेल ने विभाग से प्राप्त सब्जी बीजों को पूरे खेत में लगाया और कीट रहित सब्जी उत्पादन इकाई की भी स्थापना की। इसके परिणामस्वरूप उन्होंने बैंगन, टमाटर और अन्य सब्जियों की खेती शुरू की। आज वे स्थानीय बाजार में अपनी फसलों की बिक्री कर रोज़ाना हजारों रुपये कमा रहे हैं।अब तक जुयेल को लगभग ₹1.10 लाख का शुद्ध लाभ हो चुका है। उन्होंने बताया कि इस आमदनी से बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। जुयेल ने यह भी कहा कि अब उन्हें रोज़गार के लिए पलायन करने की आवश्यकता नहीं है और भविष्य में वे बड़े पैमाने पर फल-सब्जी की खेती करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी आधुनिक तकनीकों के साथ खेती करने की अपील की है।यह सफलता न केवल जुयेल के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए एक प्रेरणा है कि यदि सही मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग मिले, तो खेती से भी समृद्धि लाई जा सकती है।

Leave a Comment

लाइव क्रिकेट स्कोर
error: Content is protected !!