बच्चों ने नुक्कड़ नाटक व शपथ के जरिए दिया स्वच्छ भारत का संदेश।
राजकुमार भगत
पाकुड़। डीपीएस पाकुड़ परिसर में शुक्रवार को एक विशेष स्वच्छता जागरूकता सभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय द्वारा प्रायोजित “स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025” के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अधिकारियों ने मिलकर स्वच्छ भारत की संकल्पना को मजबूत करने का संदेश दिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य जे. के. शर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत में स्वच्छता के स्तर में सुधार लाना है। उन्होंने छात्रों से “SSG 2025 Citizen Feedback” ऐप डाउनलोड कर अपने गांव की स्वच्छता को लेकर प्रतिक्रिया देने की अपील की, जिससे देशव्यापी सर्वेक्षण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों ने एक जागरूकता पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें दैनिक जीवन में स्वच्छता और साफ-सफाई अपनाने की प्रेरणा दी गई। नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। इसके उपरांत सभी उपस्थितों ने स्वच्छता की शपथ भी ली। विद्यालय के निदेशक अरुणेंद्र कुमार ने अपने संदेश में कहा कि “स्वच्छता कोई एक दिन मनाने वाला उत्सव नहीं, बल्कि यह हमारी जीवनशैली का हिस्सा बनना चाहिए।” उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में जिम्मेदारी की भावना जगाते हैं और उन्हें स्वच्छ भारत अभियान का सक्रिय भागीदार बनाते हैं।
डीपीएस इको क्लब की अध्यक्षा सुमित्रा माइती ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 भारत की स्वच्छ, स्वस्थ और जागरूक ग्रामीण समाज की दिशा में एक मजबूत और सकारात्मक पहल है, जो हमें स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों के और अधिक करीब ले जाएगा।






