बजरंग पंडित
पाकुड़। रहसपुर पंचायत की एक पीड़िता ने न्याय की आस में समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है। पीड़िता का आरोप है कि विवाह के कुछ महीनों बाद ही गर्भावस्था के दौरान उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया और घर से निकाल दिया गया। बीते दो वर्षों में न तो पति ने उसकी सुध ली, न ही कोई सहायता दी। इस दर्दनाक घटना ने समाज को फिर झकझोर दिया है। पीड़िता से मिलने पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भरोसा दिलाया कि वे कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर हर संभव लड़ाई लड़ेंगे। यह संघर्ष सिर्फ एक बहन के लिए नहीं, हर उस महिला के सम्मान की लड़ाई है, जिसे अन्याय ने अकेला कर दिया।





