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April 26, 2026 10:00 am

त्रिपक्षीय वार्ता से टूटा आंदोलन का जाल, अमड़ापाड़ा पचुवाड़ा कोल ब्लॉक में फिर गूंजे मशीनों के पहिए।

​अमड़ापाड़ा/पाकुड़ – पचुवाड़ा सेंट्रल कोल ब्लॉक में बीते 17 दिसम्बर से जारी आंदोलन बुधवार को जिला प्रशासन, कोल प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच हुई त्रिपक्षीय वार्ता के बाद समाप्त हो गया। आलूबेड़ा डाकबंगला मैदान में आयोजित इस निर्णायक वार्ता में सभी पक्षों के बीच सहमति बनी, जिसके तुरंत बाद कोयला खनन और परिवहन का कार्य पुनः शुरू कर दिया गया। वार्ता के दौरान ग्रामीणों ने भूमि अधिग्रहण, एसआईए, स्थानीय युवाओं को रोजगार, बकाया वेतन और अन्य बुनियादी मांगों को प्रमुखता से उठाया। प्रशासन और कोल प्रबंधन ने ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि आगामी जनवरी महीने में एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा। ज्ञात हो कि अपनी मांगों को लेकर नाराज ग्रामीणों ने 10 दिसंबर को कोल ब्लॉक का काम ठप कर दिया था। 12 दिसंबर को एसडीओ साईमन मरांडी और एसडीपीओ विजय कुमार के आश्वासन पर काम शुरू हुआ था, लेकिन 17 दिसंबर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद ग्रामीणों ने पुनः खनन और परिवहन बंद कर दिया था। बुधवार की सकारात्मक चर्चा के बाद आखिरकार 7 दिनों से चला आ रहा आंदोलन समाप्त हुआ। बैठक में जिला प्रशासन की ओर से जिला खनन पदाधिकारी राजेश कुमार, भू-अर्जन पदाधिकारी अजय बड़ाईक, एसडीएम साईमन मरांडी, एसडीपीओ विजय कुमार, सीओ औसाफ अहमद खां, और थाना प्रभारी मदन कुमार शर्मा उपस्थित थे। ​वहीं कोल प्रबंधन की ओर से डीबीएल के एवीपी ब्रजेश कुमार और ग्रामीणों की ओर से आलूबेड़ा पंचायत की मुखिया सरिता मरांडी, ग्राम प्रधान सहित हिमांशु मुर्मू, नाजिर सोरेन, कोर्नेलयुस हेम्ब्रम, राइसिन टुडू, सुफल मराण्डी, बबलू मुर्मू, राजू मुर्मू व प्रधान मुर्मू समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष मौजूद रहे।

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