लिट्टीपाड़ा | पंचायतों को सशक्त, पारदर्शी और जनसेवा के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने कदम तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में प्रभारी जिला परियोजना प्रबंधक (ई-पंचायत) ने लिट्टीपाड़ा प्रखंड की छह पंचायतों—कमलघाटी, ज़बरदाहा, तालझारी, बीचमहल, नवाडीह और लिट्टीपाड़ा—के पंचायत सचिवालयों का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य पंचायत सचिवालयों को ‘आदर्श सेवा केंद्र’ के रूप में स्थापित करना और जमीनी स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था।
निरीक्षण के दौरान सचिवालयों की भवन संरचना, कक्ष व्यवस्था, फर्नीचर, रंग-रोगन से लेकर पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था तक की बारीकी से जाँच की गई। महिला-पुरुष शौचालयों की साफ-सफाई और पेयजल स्रोतों की कार्यशीलता पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीणों और युवाओं के लिए संचालित ज्ञान केंद्र (नॉलेज सेंटर) का भी जायज़ा लिया गया। यहां उपलब्ध कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी और अध्ययन सामग्री की समीक्षा की गई, ताकि डिजिटल साक्षरता और ऑनलाइन सेवाओं को और प्रभावी बनाया जा सके। सुरक्षा व्यवस्था के तहत सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, उनकी दिशा, कंट्रोल यूनिट और रिकॉर्डिंग बैकअप की भी जाँच की गई। प्रभारी डीपीएम ने निर्देश दिया कि सभी कैमरे 24×7 सक्रिय रहें और रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए। इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े अभिलेखों और पंजियों—जैसे रोकड़ बही, उपस्थिति पंजी और परिसंपत्ति पंजी—की भी जांच की गई, ताकि कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे। निरीक्षण में पाई गई छोटी-मोटी कमियों को दूर करने के लिए संबंधित पंचायत सचिवों को एक सप्ताह का समय दिया गया है। प्रभारी जिला परियोजना प्रबंधक ने सख्त शब्दों में कहा कि यदि भविष्य में सरकारी कार्यों में लापरवाही या बुनियादी सुविधाओं में कमी पाई गई, तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए प्रतिवेदन जिला पंचायत राज पदाधिकारी को भेजा जाएगा।







