पांकी (पलामू)।
इन दिनों क्षेत्र में पड़ रही शीत लहर और कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। खासकर गरीब, वृद्ध, असहाय और बेसहारा लोगों के लिए यह ठंड किसी बड़ी आपदा से कम नहीं है। ऐसे कठिन समय में तेतराई पंचायत के मुखिया सह पांकी मुखिया संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र पाण्डेय उर्फ जितेन्द्र पाण्डेय ने मानवीय संवेदना और सामाजिक दायित्व का परिचय देते हुए सराहनीय पहल की और सरकार द्वारा उपलब्ध कराया गये कम्बल के अलावे अपने निजी खर्चे से पंचायत के सभी वार्डों में स्वयं घूम-घूमकर जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से वृद्धजनों, विधवाओं, दिव्यांगों, असहाय और अत्यंत गरीब परिवारों को प्राथमिकता दी, ताकि कोई भी जरूरतमंद ठंड के कारण परेशान न हो। कंबल पाकर जरूरतमंदों के चेहरे पर राहत और संतोष साफ झलक रहा था।
इस अवसर पर मुखिया श्री पाण्डेय ने कहा कि वर्तमान शीत लहर में सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए कंबल जरूरत के मुकाबले नाकाफी हैं। पंचायत क्षेत्र में गरीबों की संख्या अधिक है, जबकि सरकारी सहायता सीमित है। ऐसे में केवल सरकारी इंतजामों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने बताया कि इसी कारण उन्होंने अपने निजी खर्चे से भी कंबल की व्यवस्था कर गरीबों को वितरित किया, ताकि अधिक से अधिक लोग ठंड से सुरक्षित रह सकें।
उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम लोगों को भी आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। ठंड के इस मौसम में एक कंबल किसी गरीब के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकता है। मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और ऐसे कार्यों से ही समाज में आपसी भाईचारा और संवेदनशीलता बढ़ती है।
कंबल वितरण अभियान के दौरान पंचायत के कई वार्ड सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे। सभी ने मुखिया राजेन्द्र पाण्डेय के इस प्रयास की सराहना की और इसे प्रेरणादायक बताया। ग्रामीणों का कहना था कि मुखिया द्वारा सीधे गांव-गांव जाकर कंबल बांटना यह दर्शाता है कि वे वास्तव में गरीबों की पीड़ा को समझते हैं।
स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक कार्य लगातार होते रहेंगे और अन्य जनप्रतिनिधि भी इससे प्रेरणा लेकर आगे आएंगे। कड़ाके की ठंड में तेतराई पंचायत में चलाया गया यह कंबल वितरण अभियान न केवल राहत पहुंचाने वाला साबित हुआ, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग का मजबूत संदेश भी दे गया।





