पाकुड़ में 12 से 14 जनवरी तक सोहराय पर्व का भव्य आयोजन।
पाकुड़। आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्रकृति पूजन और लोक परंपराओं का प्रतीक सोहराय पर्व–2026 इस वर्ष और भी भव्य रूप में मनाया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से 12 से 14 जनवरी तक कृषि उत्पादन बाजार समिति परिसर, पाकुड़ में तीन दिवसीय सोहराय महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जन्मदिवस को समर्पित रहेगा। महोत्सव के दौरान पारंपरिक पूजा, सांस्कृतिक नृत्य-गीत, चित्रांकन प्रतियोगिता, बैल पूजा, कार्निवाल, तीरंदाजी और ट्राइबल फैशन शो जैसे कई आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पहला दिन: पूजा, सम्मान समारोह और सांस्कृतिक रंग
12 जनवरी को महोत्सव की शुरुआत सुबह 9:30 बजे गोसाईपुर गांव के नायकी, प्राणकी और गुड़ैत द्वारा पारंपरिक पूजा से होगी। इसके बाद अतिथि स्वागत, सम्मान समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
केकेएम कॉलेज के छात्र-छात्राओं, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं और स्थानीय कलाकारों द्वारा संथाली, हिंदी व नागपुरी गीत-संगीत की प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
दोपहर में सोहराय विषय पर चित्रांकन प्रतियोगिता आयोजित होगी, जबकि शाम को प्रसिद्ध आदिवासी कलाकार मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
दूसरा दिन: भव्य सोहराय कार्निवाल और बैल पूजा
13 जनवरी को सिद्धो-कान्हू पार्क से बाजार समिति तक भव्य सोहराय कार्निवाल निकाला जाएगा। इस दौरान पारंपरिक नाच-गान, लोरिया डांस और खुटांव कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
दोपहर में बैल पूजा व श्रृंगार कार्यक्रम होगा। शाम को स्थानीय कलाकारों द्वारा सोहराय पर्व से जुड़े नृत्य और स्टेज शो प्रस्तुत किए जाएंगे।
तीसरा दिन: नृत्य, तीरंदाजी और ट्राइबल फैशन शो
14 जनवरी को विभिन्न प्रखंडों से आए कलाकारों द्वारा पारंपरिक आदिवासी नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। दोपहर में बेजहा (पारंपरिक तीरंदाजी) प्रतियोगिता और इसके बाद ट्राइबल फैशन शो का आयोजन होगा, जिसमें स्थानीय युवक-युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में मंच पर उतरेंगे। समापन अवसर पर नामचीन आदिवासी कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।
प्रशासन की अपील
अनुमंडल पदाधिकारी साईमन मरांडी ने जिलेवासियों और मीडिया से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आदिवासी संस्कृति और परंपरा के इस महापर्व को सफल बनाएं।








