पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई पूजा-अर्चना
तीन दिवसीय सोहराय महोत्सव का डीसी-एसपी ने किया भव्य शुभारंभ।
सोमवार को जिला प्रशासन, पाकुड़ की ओर से कृषि उत्पादन बाजार समिति प्रांगण, पाकुड़ में तीन दिवसीय सोहराय महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। महोत्सव का शुभारंभ उपायुक्त मनीष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी तथा अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन, अनुमंडल पदाधिकारी साईमन मरांडी, सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर डीसी-एसपी सहित उपस्थित पदाधिकारियों ने मांदर की थाप पर झूमते हुए लोकसंस्कृति का उत्साहवर्धन किया। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर सोहराय पर्व की शुरुआत की गई।

सोहराय महोत्सव हमारी प्रकृति, परंपरा और संताल संस्कृति का जीवंत उत्सव, उपायुक्त
महोत्सव को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने जिलेवासियों को सोहराय पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सोहराय पर्व पशुधन के सम्मान, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और संताल सभ्यता की जीवंत पहचान है। यह पर्व इस बात का प्रतीक है कि मानव जीवन, कृषि, पशु और प्रकृति एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से माननीय मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त किया जाता है, जिन्होंने सोहराय पर्व के अवसर पर दो दिवसीय अवकाश प्रदान कर आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को सम्मान दिया है।उन्होंने बताया कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी अनुमंडल पदाधिकारी के नेतृत्व में तथा पुलिस अधीक्षक के सहयोग से लोकल कलाकारों, सोहराय समिति एवं सांस्कृतिक समूहों के साथ पूरी जिम्मेदारी के साथ महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि इस महोत्सव में संताल संस्कृति, पारंपरिक लोकनृत्य, लोकसंगीत, दुर्लभ वाद्ययंत्र, पारंपरिक खान-पान, परिधान एवं हस्तशिल्प की समृद्ध झलक देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि कल्याण विभाग की ओर से कई गांवों को इस आयोजन से जोड़ा गया है, जिससे लोग अपनी परंपराओं को समझ सकें और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर सकें। उन्होंने जानकारी दी कि महोत्सव की शुरुआत गांवों से की गई, जहां पशुधन पूजन कर प्रकृति और पशुओं के प्रति सम्मान प्रकट किया गया। यह तीन दिवसीय महोत्सव स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करने के साथ-साथ अन्य जिलों से आए कलाकारों के माध्यम से सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा देगा। उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील की कि पाकुड़ के लोग परिवार सहित इस महोत्सव में शामिल होकर अपनी संस्कृति, धरोहर और परंपराओं पर गर्व करें।

सोहराय महोत्सव संस्कृति, प्रकृति और जड़ों से जुड़ने का अवसर,पुलिस अधीक्षक
पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने कहा कि जिला प्रशासन एवं सोहराय समिति द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय महोत्सव अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि लगातार दूसरे वर्ष पूरे उत्साह और उमंग के साथ सोहराय महोत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अवकाश की घोषणा से जन-जन की भागीदारी सुनिश्चित हुई है और लोग जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस महोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि महोत्सव स्थल पर रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य और जिले के कोने-कोने से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत दुर्लभ वाद्ययंत्र हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोहराय महोत्सव न केवल प्रकृति और अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को संजोकर अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का भी माध्यम है। यह पर्व परिवार के साथ आनंद लेने, आत्मचिंतन करने और भविष्य के प्रति सजग होने का संदेश देता है। इस अवसर पर अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन, अनुमंडल पदाधिकारी साईमन मरांडी, सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी सोहराय पर्व के महत्व पर अपने-अपने विचार साझा किए।









