पाकुड़। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) पाकुड़ नगर इकाई की बैठक में जिले की शैक्षणिक व्यवस्था की बदहाली और महाविद्यालयों में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर तीखा विरोध दर्ज किया गया। बैठक में केकेएम कॉलेज में बी.एड (B.Ed) संकाय की मान्यता समाप्त होने को छात्र हितों के साथ गंभीर खिलवाड़ बताते हुए इसे प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया गया। बैठक में कहा गया कि बी.एड भवन निर्माण और पुस्तकालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण मान्यता समाप्त हुई, लेकिन इसके बावजूद कॉलेज प्रशासन आज भी गंभीर नहीं है। साथ ही विषयवार शिक्षकों की भारी कमी, पीजी (PG) की पढ़ाई का ठप होना और आधारभूत सुविधाओं के अभाव पर चिंता जताई गई। एबीवीपी ने कॉलेज के प्रशासनिक भवन और मल्टीपर्पज हॉल के निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। परिषद का कहना है कि प्रशासनिक भवन की दीवारें एक वर्ष में ही जर्जर हो गई हैं, जो निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती हैं। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश सह मंत्री बमभोला उपाध्याय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विद्यार्थी परिषद अब चुप नहीं बैठेगी। शिक्षकों की कमी और अव्यवस्था के कारण छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। इन सभी मांगों को लेकर एबीवीपी जल्द ही व्यापक और उग्र आंदोलन शुरू करेगी। बैठक में सामाजिक दायित्वों पर भी निर्णय लिए गए। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर विशाल रक्तदान शिविर के आयोजन और ‘युवा पखवाड़ा’ के तहत प्रत्येक इकाई में रचनात्मक कार्यक्रम करने का फैसला लिया गया। बैठक में विभाग संगठन मंत्री बादल, नगर सह मंत्री रानी शाह, विशेष आमंत्रित सदस्य प्रदीप कुमार, ईशा भगत, कुणाल सिंह, नैतिक भगत, एकता कुमारी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।








