अमड़ापाड़ा। देश के कुछ हिस्सों में निपाह वायरस (NiV) के बढ़ते मामलों को देखते हुए अमड़ापाड़ा स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सोमवार को अमड़ापाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. खालिद अहमद ने आम लोगों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निपाह वायरस को लेकर जागरूक किया और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की।
डॉ. खालिद अहमद ने बताया कि निपाह वायरस एक गंभीर ज़ूनोटिक वायरस है, जो मुख्य रूप से चमगादड़ों जैसे जानवरों से मनुष्यों में फैलता है। यह वायरस दूषित फल, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क या संक्रमित जानवरों के माध्यम से फैल सकता है। उन्होंने कहा कि यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए समय पर पहचान और इलाज बेहद जरूरी है।
निपाह वायरस के प्रमुख लक्षण
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि निपाह वायरस से संक्रमित व्यक्ति में तेज बुखार और सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ, खांसी व गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द, अत्यधिक थकान तथा गंभीर स्थिति में मानसिक भ्रम या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण मिलने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई।
बचाव को लेकर दी गई अहम हिदायतें
डॉ. खालिद अहमद ने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं, बल्कि पूरी सतर्कता बरतें। उन्होंने जमीन पर गिरे हुए या पक्षियों द्वारा कुतरे गए फलों का सेवन न करने, फल खाने से पहले अच्छी तरह जांच करने, हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोने तथा बीमार व्यक्तियों या संक्रमित जानवरों के संपर्क से बचने की सलाह दी। इसके साथ ही खजूर का कच्चा रस या खुले में रखे गए पेय पदार्थों के सेवन से बचने पर भी जोर दिया गया।
लक्षण दिखें तो तुरंत सीएचसी से करें संपर्क
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने कहा कि यदि क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति में निपाह वायरस से जुड़े लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए फतेहपुर स्थित सीएचसी अमड़ापाड़ा में संपर्क करें। स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक जांच एवं परामर्श की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
सीमावर्ती पश्चिम बंगाल में मरीज मिलने से बढ़ी सतर्कता
डॉ. खालिद अहमद ने जानकारी दी कि पाकुड़ से सटे सीमावर्ती राज्य पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के मरीज पाए गए हैं। भौगोलिक निकटता और लोगों के लगातार आवागमन को देखते हुए अमड़ापाड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। उन्होंने सीमावर्ती इलाकों की यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की।







