राजकुमार भगत
पाकुड़: उच्च शिक्षा में भ्रष्टाचार और छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने पाकुड़ के के के एम कॉलेज में आज से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ भूख हड़ताल शुरू की और परिसर में डटे रहने का ऐलान किया। ABVP के प्रदेश सह मंत्री बमभोला उपाध्याय ने आंदोलन के दौरान कहा कि पाकुड़ की उच्च शिक्षा वेंटिलेटर पर है और छात्रों का भविष्य खतरे में है। एडमिशन के समय वाई-फाई, खेल-कूद, पुस्तकालय आदि के नाम पर ₹1000 वसूले जाते हैं, लेकिन छात्रों को शुद्ध पानी तक नहीं मिलता। कॉलेज के शौचालयों में पानी और दरवाजों की सुविधा नहीं है। करोड़ों की लागत से बने प्रशासनिक भवन और मल्टीपरपज हॉल भी सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते।
उपाध्याय ने कहा कि जिले में PG, Law या AI जैसी तकनीकी पढ़ाई का अभाव है। स्कॉलरशिप रुकी हुई है, B.Ed कॉलेज की मान्यता खतरे में है और फीस ₹88,000 से बढ़ाकर ₹1,30,000 कर दी गई है, जो छात्रों का आर्थिक और मानसिक शोषण है। कॉलेज अध्यक्ष दुलाल चंद्र दास ने बताया कि फॉर्म शुल्क ₹10 से बढ़ाकर ₹110 कर दिया गया है। कॉलेज उपाध्यक्ष सुमित सेन और नगर सह मंत्री रॉकी रविदास ने कहा कि निजी पुस्तकालय फल-फूल रहे हैं, लेकिन कॉलेज की करोड़ों की किताबें लाइब्रेरी में सड़ रही हैं, जिससे B.Ed की मान्यता भी संकट में है। ABVP ने साफ कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था को सुधारने के लिए है। परिषद ने विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन से उच्च शिक्षा के स्तर सुधारने का आग्रह किया है। इस आंदोलन में प्रदेश सह मंत्री बमभोला उपाध्याय, कॉलेज अध्यक्ष दुलाल चंद्र दास, नगर सह मंत्री रॉकी रविदास, कॉलेज उपाध्यक्ष सुमित सेन समेत सैकड़ों छात्र शामिल हैं। परिषद का नारा है: छात्र शक्ति-राष्ट्र शक्ति! जब तक न्याय नहीं, तब तक विश्राम नहीं!









