मकई खेत विवाद में बुजुर्ग पर तीर-लाठी से हमला
पाकुड़। मकई की फसल चरने के मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (वन) कुमार क्रांति प्रसाद की अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने 60 वर्षीय डोमन पहाड़िया पर जानलेवा हमला करने के दोषी सीता पहाड़िया, गांदे पहाड़िया और लखन पहाड़िया को भारतीय दंड संहिता की दो धाराओं में 10-10 साल की सश्रम कारावास और ₹50-50 हजार जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर तीनों को एक-एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, एक अन्य धारा में अदालत ने तीनों को एक-एक माह का कारावास और ₹500 जुर्माना भी लगाया है। यह राशि नहीं देने पर तीन दिन अतिरिक्त जेल में रहना पड़ेगा।
खेत में बकरी चरने को लेकर हुआ था विवाद
मामला हिरणपुर थाना क्षेत्र के पाडरकोला गांव का है। घटना 17 जुलाई 2019 की शाम करीब 6 बजे की है। आरोपितों की बकरी डोमन पहाड़िया के मकई के खेत में चर रही थी। डोमन द्वारा बकरी भगाने पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। इसी दौरान सीता पहाड़िया ने तीर से दो बार निशाना साधा, जिससे डोमन के पैर और गाल में गंभीर चोट आई। इसके बाद गांदे और लखन पहाड़िया ने लाठी से पीछे से हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया।
पत्नी की शिकायत पर दर्ज हुआ था केस
घटना के बाद घायल डोमन पहाड़िया को तत्काल पाकुड़ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस संबंध में डोमन की पत्नी बंदरी पहाड़िन ने हिरणपुर थाना में कांड संख्या 71/19 (दिनांक 18 जुलाई 2019) दर्ज कराया था। सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों आरोपितों को दोषी करार देते हुए यह सख्त सजा सुनाई।







