घटिया छड़-सीमेंट से बना है डीएमएफटी मैरिज हॉल” — अजहर इस्लाम
पाकुड़: पाकुड़ जिला के सदर प्रखंड अंतर्गत चाचंकी पंचायत के जानकीनगर गांव में डीएमएफटी योजना के तहत निर्मित कौशल विकास केंद्र सह मैरिज हॉल पिछले तीन वर्षों से उद्घाटन के अभाव में अनुपयोगी पड़ा है। वर्ष 2023 में इसका शिलान्यास तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम द्वारा किया गया था। भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, बावजूद इसके आज तक इसका उद्घाटन नहीं हो सका है।इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को समाजसेवी अजहर इस्लाम से मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा की।ग्रामीणों का कहना है कि भवन तैयार होने के बावजूद उसके बंद पड़े रहने से गांव के लोगों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। खासकर शादी-विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए ग्रामीणों को बाहर भटकना पड़ रहा है।ग्रामीणों के आग्रह पर समाजसेवी अजहर इस्लाम के नेतृत्व में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल मैरिज हॉल परिसर पहुंचा। मौके पर अजहर इस्लाम ने जिला प्रशासन से अविलंब भवन का उद्घाटन कर इसे चालू कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि कुछ ही दिनों में विवाह का शुभ मुहूर्त शुरू होने वाला है, ऐसे में यह भवन ग्रामीणों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो सकता है।
अजहर इस्लाम ने आरोप लगाया कि डीएमएफटी फंड का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है और सत्ता में बैठे लोगों के इर्द-गिर्द रहने वाले लोग इसका दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीन साल बीत जाने के बाद भी उद्घाटन नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।कहा कि जानकीनगर में निर्मित यह भवन घटिया सीमेंट, छड़ और निम्न गुणवत्ता वाली निर्माण सामग्री से बनाया गया है। उन्होंने मांग की कि भवन की तकनीकी जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।अजहर ने यह भी कहा कि यह कोई अकेला मामला नहीं है।इसी तरह की डीएमएफटी योजना से बनी एक इमारत चेंगाडांगा पंचायत में भी खड़ी है, जो उद्घाटन और उपयोग के अभाव में आज शोभा की वस्तु बनकर रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमएफटी फंड का उद्देश्य ग्रामीण विकास था, लेकिन योजनाओं को अधूरा छोड़कर और घटिया निर्माण कराकर जनता के पैसे की बर्बादी की जा रही है।उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि न केवल जानकीनगर बल्कि चेंगाडांगा पंचायत में बनी इमारत की भी जांच कर जल्द से जल्द उसे उपयोग के योग्य बनाया जाए, ताकि ग्रामीणों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द मैरिज हॉल का उद्घाटन कर इसे आम जनता के उपयोग के लिए खोला जाए, ताकि डीएमएफटी योजना का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंच सके।







