राजकुमार भगत
पाकुड़: जिले में परिवहन विभाग पूरे तामझाम के साथ ‘सड़क सुरक्षा माह’ मना रहा है, लेकिन इसी दौरान एक निजी स्कूल की तेज रफ्तार बस ने 22 वर्षीय युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। यह हादसा गांधी चौक के पास मंगलवार सुबह हुआ।
डीपीएस स्कूल बस हादसे पर एबीवीपी के प्रदेश सह मंत्री बम भोला उपाध्याय ने कड़ा आक्रोश जताया और विभाग पर भ्रष्टाचार व लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीन पर स्थिति इसके विपरीत है। भड़के भोला उपाध्याय ने बताया कि पहले भी विद्यार्थी परिषद ने प्रशासन को आगाह किया था कि जिले के कई निजी स्कूलों की बसें समय सीमा पार कर चुकी हैं और बिना फिटनेस टेस्ट के चल रही हैं। बावजूद इसके, परिवहन विभाग ने चेतावनियों की अनदेखी की। उनका आरोप है कि जिला परिवहन कार्यालय आज अवैध लाइसेंस और भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुका है, जिसका नतीजा है आज का यह दुखद हादसा। एबीवीपी ने प्रशासन से मृतक के परिवार को तुरंत मुआवजा देने और दोषी स्कूल प्रबंधन पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही जिले के सभी निजी स्कूल बसों की आयु, फिटनेस और चालकों के लाइसेंस की युद्ध स्तर पर जांच करने की भी मांग की गई है। प्रदेश सह मंत्री बम भोला उपाध्याय ने चेतावनी दी कि अगर 24 घंटे के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन आंदोलन करने पर मजबूर होगा। उन्होंने साफ कहा कि परिवहन विभाग अब ‘सड़क सुरक्षा माह’ के नाम पर दिखावा बंद करे और सड़क सुरक्षा के प्रति वास्तविक प्रतिबद्धता दिखाए।







