मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 2.0 अभियान ने लौटाई घरों की खुशियां।
पाकुड़। नालसा, नई दिल्ली एवं झालसा, रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ के तत्वावधान में चल रहे 90 दिवसीय मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 2.0 अभियान के तहत मंगलवार को दो लंबे समय से लंबित पारिवारिक विवादों का सफलतापूर्वक सुलह कर समाधान कराया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडे के संरक्षण एवं सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में पाकुड़ व्यवहार न्यायालय स्थित कुटुंब न्यायालय में यह सुलह संपन्न हुई। सुलह कराए गए मामलों में मूल भरण-पोषण वाद संख्या 194/2025 इसमोतारा खातून बनाम यासिर अलाफात तथा ओरिजिनल सूट संख्या 163/2025 लाल मोहन कुमार साहा बनाम भवानी पूजा देवी शामिल हैं। दोनों दंपति वर्षों से अलग रह रहे थे और दोनों के नन्हे बच्चे भी हैं। प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक, संबंधित अधिवक्ताओं एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के संयुक्त प्रयास से पति-पत्नी के बीच चल रहे आपसी मतभेद समाप्त कराए गए। सुलह के दौरान दोनों पक्षों ने बीती बातों को भुलाकर साथ रहने और पारिवारिक जीवन को सौहार्दपूर्ण ढंग से आगे बढ़ाने की सहमति दी। दोनों दंपतियों ने भविष्य में किसी भी प्रकार के वाद-विवाद से बचने और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए जीवन व्यतीत करने का वचन दिया। इस सुलह से दो टूटते परिवार फिर एक हो गए और घरों में खुशियां लौट आईं। इस अवसर पर न्यायालय कर्मी, उभय पक्ष के अधिवक्ता, तारक, अब्बास अली सहित दंपतियों के परिजन उपस्थित रहे। सभी ने मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 2.0 अभियान की सराहना करते हुए इसे पारिवारिक विवादों के समाधान की दिशा में प्रभावी पहल बताया।







