जिला संवाददाता अंकित कुमार लाल
मेदनीनगर: 25 जनवरी, 2026 को मेदिनीनगर के “शिवाय ब्लू” होटल में मेयर अरुणा शंकर के पांच वर्षों (2018–23) के कार्यकाल का तथाकथित ‘रिपोर्ट कार्ड’ पुस्तक के रूप में विमोचन संपन्न हुआ। इसे मेयर के कार्यकाल का अधिकृत रिपोर्ट कार्ड माना जाए या नहीं, इस पर चर्चा बाद में होगी।
रिपोर्ट कार्ड के अनुसार, इन पांच वर्षों में नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्य किए गए।
सामुदायिक शौचालय:
वार्ड संख्या 3,5,7,9,11,13,15,17,19,21,23,25,27,29,31,33,35 में कुल 17 सामुदायिक शौचालय बने। हालांकि यह जांच का विषय है कि क्या ये शौचालय वास्तव में सामुदायिक उपयोग के लिए काम कर रहे हैं।
स्ट्रीट लाइट:
इस अवधि में कुल 2,987 स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं। लेकिन वार्ड संख्या 11,12,13,14,15,20,21,22,24,25 में अपेक्षाकृत कम लाइट लगीं — क्रमशः 15,15,22,12,6,10,20,22,1,9 स्ट्रीट लाइटें ही स्थापित की गईं।
सामुदायिक भवन-सह-वार्ड विकास केन्द्र:
कुल 19 वार्डों (1,2,3,5,7,9,11,13,15,17,19,21,23,25,27,29,31,35) में सामुदायिक भवन-सह-वार्ड विकास केन्द्र बने। यह भी ध्यान देने योग्य है कि अधिकांश भवनों का निर्माण विषम संख्या वाले वार्डों में हुआ। यह जांचना जरूरी है कि ये भवन नगर निगम की जमीन पर बने या किसी प्रभावशाली व्यक्ति की जमीन पर, और किन सामुदायिक कार्यों के लिए इनका उपयोग हुआ।
प्रधानमंत्री आवास योजना:
पांच वर्षों में 5,596 लाभुकों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला। हालांकि, वार्ड संख्या 10,11,12,14,16,19,20,25 के लोग इस योजना से वंचित रहे। कुछ वार्डों में लाभुकों की संख्या बहुत सीमित रही — उदाहरण के लिए वार्ड 13 और 15 में 5-5 लाभुक, वार्ड 21 और 22 में 16-16 लाभुक, और वार्ड 24 में 8 लाभुक ही लाभान्वित हुए। इस बात का विश्लेषण आवश्यक है कि किन कारणों से कुछ वार्ड के लोग योजना का लाभ नहीं ले सके।
रिपोर्ट कार्ड में दर्ज आंकड़े विकास के प्रयासों को दर्शाते हैं, लेकिन उनके वास्तविक उपयोग और लाभ की जांच आवश्यक है।




