शहर में बदला चुनावी माहौल
हजारों समर्थकों, गाजे-बाजे और नारों के बीच निकली ऐतिहासिक आशीर्वाद सह नामांकन यात्रा।
विरोधी खेमों में खलबली
संजय कुमार गुप्ता
मेदिनीनगर/पलामू
पलामू नगर निगम / मेयर पद के लिए अरुणा शंकर ने भारी जनसमर्थन और शक्ति प्रदर्शन के साथ अपना नामांकन पर्चा दाखिल किया। यह महज़ एक चुनावी प्रक्रिया नहीं रही, बल्कि यह दिन जनता की ताकत, लोकप्रियता और ज़मीनी पकड़ का खुला एलान बन गया। टाउन हॉल से लेकर शहर की सड़कों तक उमड़ा जनसैलाब यह बताने के लिए काफी था कि इस बार का चुनाव किस दिशा में बढ़ रहा है।
सुबह होते ही टाउन हॉल परिसर में समर्थकों और शुभचिंतकों का जुटान शुरू हो गया था। जैसे-जैसे समय आगे बढ़ा, वैसे-वैसे भीड़ का आकार भी बढ़ता चला गया। दस बजते-बजते हालात ऐसे हो गए कि टाउन हॉल और उसके आसपास का पूरा इलाका अरुणा शंकर के समर्थकों से पट गया। हर वर्ग, हर उम्र और हर समाज के लोग इस नामांकन में शामिल होते नजर आए।
इसके बाद टाउन हॉल से आशीर्वाद सह नामांकन यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे शहर को चुनावी रंग में रंग दिया। हजारों समर्थक, कार्यकर्ता, महिलाएँ और युवा गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते आगे बढ़े। नारों की गूंज इतनी तीखी थी कि शहर की राजनीति में हलचल साफ महसूस की जा सकती थी।
“अरुणा शंकर ज़िंदाबाद”, “मेयर बनेगी अरुणा शंकर” जैसे नारों से वातावरण पूरी तरह चुनावी रणभूमि में तब्दील हो गया।
नामांकन यात्रा शहर के प्रमुख बाजारों से होते हुए महाबीर मंदिर और काली मंदिर पहुँची। यहाँ अरुणा शंकर ने विधिवत पूजा-अर्चना कर जीत का आशीर्वाद माँगा। धार्मिक आस्था और जनसमर्थन का यह संगम राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समर्थकों का उत्साह और विश्वास साफ संकेत दे रहा था कि वे इस चुनाव को लेकर पूरी तरह आश्वस्त और आत्मविश्वास से भरे हुए हैं।
यात्रा के दौरान हर मोड़ पर उमड़ती भीड़ यह साफ कर रही थी कि अरुणा शंकर की लोकप्रियता केवल चुनावी प्रचार तक सीमित नहीं, बल्कि उनकी जड़ें जनता के बीच गहराई तक फैली हुई हैं। जिस तरह से लोग स्वतःस्फूर्त रूप से शामिल होते गए, उसने विरोधी खेमों की चिंता बढ़ा दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो नामांकन के दिन इस तरह का जनसैलाब बहुत कुछ कह जाता है। जानकारों का कहना है कि यह भीड़ केवल संख्या नहीं, बल्कि जनादेश की दिशा का संकेत है। यही कारण है कि नामांकन के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि मेयर चुनाव का मुकाबला अब आसान नहीं, बल्कि एकतरफा भी हो सकता है।
नामांकन के बाद समर्थकों को संबोधित करते हुए अरुणा शंकर ने कहा कि यह चुनाव नगर के विकास, पारदर्शी प्रशासन और जनता के सम्मान का चुनाव है। उन्होंने कहा कि जिस विश्वास के साथ जनता आज उनके साथ खड़ी है, वह उनकी सबसे बड़ी ताकत है और वे इस विश्वास पर पूरी तरह खरा उतरेंगी।
कुल मिलाकर, सोमवार का दिन पलामू नगर निगम चुनाव के इतिहास में एक निर्णायक दिन के रूप में दर्ज हो गया। अरुणा शंकर का नामांकन यह साफ संदेश देकर गया कि यह चुनाव अब केवल दावों और वादों का नहीं, बल्कि जनता की ताकत बनाम खोखले दावों की लड़ाई बनने जा रहा है।
नामांकन के दौरान उमड़ा यह जनसैलाब इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि मेयर की कुर्सी की दौड़ में अरुणा शंकर सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरी हैं।







