पारदर्शिता के लिए लेखा संधारण अनिवार्य: खलखो
पाकुड़: ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली सहकारी समितियों को सशक्त और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से बुधवार को पाकुड़ जिला मुख्यालय के दुर्गापुर स्थित ‘संयुक्त सहकारिता भवन’ में एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया।जिला सहकारिता पदाधिकारी (DCO)-सह-सहायक निबंधक चन्द्रजीत खलखो की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में समितियों के आधुनिक प्रबंधन और डिजिटल संचालन पर विशेष जोर दिया गया।कार्यशाला को संबोधित करते हुए DCO चन्द्रजीत खलखो ने कहा कि समितियों का उद्देश्य केवल ऋण वितरण नहीं, बल्कि किसानों का समग्र विकास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी लैम्पस और पैक्स को अपने बही-खाते और वित्तीय रिकॉर्ड दुरुस्त रखने होंगे। व्यवसाय विकास योजना के तहत नई गतिविधियों से जुड़कर ही समितियां आत्मनिर्भर बन सकती हैं.प्रशिक्षण के दौरान विभागीय प्रशिक्षकों ने पुस्तपालन, लेखा संधारण, और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से दी जाने वाली सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया। विशेष रूप से आदिम जनजाति बहुल क्षेत्रों की वनोपज समितियों और मत्स्य समितियों को उनके अधिकारों और व्यवसाय विस्तार की तकनीकी जानकारी दी गई।कार्यक्रम में सहकारिता प्रसार पदाधिकारी रंजित कुमार सिंह, संजय कुमार शर्मा, मनोज प्रसाद गुप्ता, नौरिक रविदास, प्रमोद कुमार व पदम किशोर महतो ने तकनीकी सत्रों को संबोधित किया। वहीं, अनुमंडल अंकेक्षण पदाधिकारी हिरालाल रजवार एवं वरीय अंकेक्षण पदाधिकारी विजय कुमार रजक ने अंकेक्षण की बारीकियों से अवगत कराया। मौके पर उच्च वर्गीय लिपिक अमरेश कुमार, राहुल कुमार, डेजी रानी सहित जिले के सभी एमपीसीएस के मुख्य कार्यपालक, अध्यक्ष और विभिन्न समितियों के मंत्री उपस्थित थे।







