पाकुड़ में नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) सह उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में तीन अहम बैठकों के जरिए चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। इसमें प्रिंटिंग प्रेस व केबल ऑपरेटर, सभी अभ्यर्थी और प्रतिनियुक्त माइक्रो ऑब्जर्वरों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशासन ने साफ किया कि चुनाव से जुड़ी किसी भी प्रचार सामग्री के प्रकाशन में प्रिंटर और पब्लिशर का नाम अनिवार्य होगा। पोस्टर, बैनर, हैंडबिल, केबल नेटवर्क, सोशल मीडिया, बल्क एसएमएस और वॉयस मैसेज जैसे माध्यमों पर राजनीतिक विज्ञापन प्रसारित करने से पहले जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति (MCMC) से अनुमति लेना जरूरी होगा। उम्मीदवारों को विज्ञापन प्रसारण से तीन दिन पहले और अन्य व्यक्तियों को सात दिन पहले अनुमति लेनी होगी। मतदान के दिन और उससे एक दिन पहले प्रिंट मीडिया में विज्ञापन के लिए भी MCMC की मंजूरी अनिवार्य कर दी गई है। बिना अनुमति प्रचार को ‘पेड न्यूज’ की श्रेणी में माना जाएगा।
अभ्यर्थियों के साथ हुई संयुक्त बैठक में व्यय प्रेक्षक सुनील कुमार और सामान्य प्रेक्षक रंजित लोहरा ने खर्च के लेखा-जोखा पर सख्ती के संकेत दिए। सभी उम्मीदवारों को अलग बैंक खाता खोलकर वाहन, प्रचार सामग्री और सभाओं सहित हर खर्च का नियमित विवरण रखने का निर्देश दिया गया। तय समय पर व्यय विवरण जमा नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। साथ ही परीक्षा अवधि को देखते हुए प्रचार से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इस पर विशेष जोर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि चुनाव गैरदलीय आधार पर होगा और केवल आवंटित चुनाव चिन्ह के अनुरूप ही प्रचार किया जाएगा। माइक्रो ऑब्जर्वरों के साथ हुई समीक्षा बैठक में मतदान दिवस की व्यवस्थाओं पर फोकस किया गया। उन्हें समय पर डिस्पैच सेंटर पहुंचने, पोलिंग पार्टी से समन्वय रखने, मतदान केंद्रों पर अमिट स्याही, मतदाता रजिस्टर, मतदान अभिकर्ताओं की उपस्थिति और मतदान के बाद रिसीविंग सेंटर तक की पूरी प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त मनीष कुमार ने बताया कि नगरपालिका क्षेत्र में 21 वार्ड और 42 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इस चुनाव में मतपत्र और मतपेटिका का उपयोग होगा। आचार संहिता का सख्ती से पालन कराया जाएगा। बिना अनुमति रैली-सभा, मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश, नशे की हालत में मतदान केंद्र पहुंचना और सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश फैलाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि मतगणना भी तय तिथि पर पारदर्शी तरीके से कराई जाएगी।







