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February 20, 2026 1:52 pm

क्षेत्र में जनसम्पर्क के दौरान मिल रहें जन समर्थन, जनता का प्यार से अभिभूत हूँ – अरुणा

दावों–वायदों की बरसात के बीच घर-घर पहुंच रहे प्रत्याशी।

अरुणा शंकर नें डोर टू डोर जनसम्पर्क कर माँगा समर्थन।

पिछले पांच वर्षो में मैंने विकास की एक लम्बी लकीर खींची है।
मेरी जीत सुनिश्चित है – अरुणा

अरुणा शंकर नें पिछले पांच वर्षो में जो निगम क्षेत्र में विकास किया है जनता उसपर पुनः मुहर लगाएगी – लवली

मेदिनीनगर /पलामू
नगर निगम चुनाव की तिथि जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे चुनावी सरगर्मी चरम पर पहुंचती दिख रही है। चौक-चौराहों से लेकर वार्ड की गलियों तक सियासी माहौल गर्म है। प्रत्याशी अब जनसभाओं से आगे बढ़कर डोर-टू-डोर संपर्क अभियान पर अधिक जोर दे रहे हैं। हर प्रत्याशी मतदाताओं तक सीधे पहुंचकर अपनी उपलब्धियां गिनाने और भविष्य की योजनाएं बताने में जुटा है।

इस बार का चुनाव कई मायनों में खास माना जा रहा है। एक ओर जहां नए चेहरे बदलाव का नारा दे रहे हैं, वहीं अनुभवी प्रत्याशी अपने कार्यकाल के अनुभव और कामकाज के आधार पर जनता से समर्थन मांग रहे हैं। मतदाता भी विकास, सफाई व्यवस्था, पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट और निगम की पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर स्पष्ट जवाब चाहते हैं।


पूर्व मेयर अरुणा शंकर का आक्रामक प्रचार अभियान

भाजपा, जदयू और लोजपा समर्थित प्रत्याशी सह पूर्व मेयर अरुणा शंकर ने अपने चुनावी अभियान को पूरी गति दे दी है। वे लगातार विभिन्न वार्डों में जाकर मतदाताओं से सीधा संवाद स्थापित कर रही हैं। गुरुवार को उन्होंने कई मोहल्लों में जनसंपर्क किया और लोगों से समर्थन की अपील की।

उनके साथ भाजपा नेत्री, पूर्व जिला पार्षद एवं कंटेनर निगम लिमिटेड भारत सरकार की स्वतंत्र निदेशक लवली गुप्ता भी मौजूद रहीं। दोनों नेताओं ने घर-घर जाकर मतदाताओं से मुलाकात की और 23 फरवरी को एसी छाप, क्रम संख्या एक पर वोट देकर अरुणा शंकर को विजयी बनाने की अपील की।

अरुणा शंकर ने कहा कि उनके पूर्व कार्यकाल में निगम क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया था। उन्होंने दावा किया कि यदि जनता पुनः अवसर देती है तो निगम क्षेत्र में समेकित विकास, स्वच्छता व्यवस्था की मजबूती, पेयजल संकट का समाधान और सुशासन को प्राथमिकता दी जाएगी।

लवली गुप्ता ने कहा कि अनुभवी नेतृत्व ही निगम को स्थिर दिशा दे सकता है। उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि विकास की निरंतरता बनाए रखने के लिए अरुणा शंकर को पुनः मौका दिया जाना चाहिए ताकि क्षेत्र में अमन-चैन और शांति कायम रह सके।


दूसरी ओर नए चेहरों का बदलाव का दावा

चुनावी मैदान में उतरे अन्य प्रत्याशी भी कम सक्रिय नहीं हैं। कई उम्मीदवार युवाओं, महिलाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को केंद्र में रखकर प्रचार अभियान चला रहे हैं।

कुछ प्रत्याशी नगर निगम में कथित अव्यवस्था, भ्रष्टाचार और अधूरे विकास कार्यों को मुद्दा बना रहे हैं। वे पारदर्शी प्रशासन, डिजिटल निगरानी व्यवस्था और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल की बात कर रहे हैं।

जहां एक ओर पूर्व मेयर अपने अनुभव और कार्यकाल की उपलब्धियों को आधार बना रही हैं, वहीं अन्य प्रत्याशी बदलाव और नई सोच को अपनी ताकत बता रहे हैं। इससे चुनावी मुकाबला और भी रोचक होता जा रहा है।


मतदाता बने निर्णायक

चुनाव में इस बार महिला मतदाताओं की भूमिका अहम मानी जा रही है। स्वच्छता, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं उनके प्रमुख मुद्दे हैं। युवा वर्ग रोजगारोन्मुख योजनाओं और स्मार्ट सिटी जैसी अवधारणाओं को लेकर उत्सुक है।

गली-मोहल्लों में चर्चा का विषय यही है कि कौन प्रत्याशी निगम को बेहतर दिशा दे पाएगा। चाय दुकानों से लेकर सोशल मीडिया तक चुनावी बहस तेज है।

23 फरवरी को होने वाले मतदान में जनता किसे अपना जनादेश देती है, यह तो परिणाम के दिन स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल निगम चुनाव में दावों, वादों और जनसंपर्क अभियानों की गूंज पूरे शहर में सुनाई दे रही है। मुकाबला कड़ा और दिलचस्प होने की पूरी संभावना है।

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