पाकुड़। कोलकाता में एमएलए बोर्ड लगी एक कार में बैठे फोटो के वायरल होने के बाद सियासी हलकों में हलचल मच गई है। इस पूरे मामले पर पूर्व एनडीए प्रत्याशी सह समाजसेवी अजहर इस्लाम ने खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा पत्रकारों के सवालों का नहीं, बल्कि उनके राजनीतिक विरोधियों की बेचैनी और हताशा का परिणाम है। अजहर इस्लाम ने स्पष्ट किया कि जिस गाड़ी की तस्वीर वायरल की जा रही है, वह बंगाल नंबर की है और उनके रिश्तेदार—जो पश्चिम बंगाल विधानसभा के विधायक हैं—के नाम से आवंटित पास वाली गाड़ी है। यह वाहन कोलकाता में ही रहता है और वहीँ उनके रिश्तेदार इसका उपयोग करते हैं। वायरल तस्वीर उसी दौरान की है, जिसे जानबूझकर गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी यह सच्चाई अच्छी तरह जानते हैं, इसके बावजूद उन्हें बदनाम करने के इरादे से इस मुद्दे को उछाला गया और कई यूट्यूबरों को भी इसमें आगे किया गया। अजहर इस्लाम का कहना है कि यूट्यूबरों से उन्हें कोई शिकायत नहीं है, क्योंकि उन्हें अंधेरे में रखकर यह काम कराया गया। अजहर इस्लाम ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव से महज एक माह पहले उन्होंने राजनीति में कदम रखा। मुस्लिम समुदाय से होने के बावजूद एनडीए प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे और करीब 70 हजार वोट हासिल कर दूसरे स्थान पर रहे। इस चुनाव में वे ऐसे नेताओं से आगे रहे, जो पहले विधायक रह चुके थे, और दशकों से राजनीति में सक्रिय एक परिवार को कड़ी टक्कर दी। यही वजह है कि आज वही लोग उनकी बढ़ती लोकप्रियता से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद भी वे समाज के बीच सक्रिय हैं। लोगों के सुख-दुख में खड़े हैं और पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत हैं। इसी कारण लोग उनसे उम्मीदें लगाए बैठे हैं, जो उनके विरोधियों को रास नहीं आ रहा। अजहर इस्लाम ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें दबाव में लाने के लिए उनके व्यवसाय को नुकसान पहुंचाया गया, फर्जी आरोप लगाए गए और थाना-पुलिस तक के मामले बनाए गए। चुनाव के दौरान उन पर हमला कराने की भी कोशिश हुई। उन्होंने कहा, “सोना तपकर ही कुंदन बनता है। राजनीति आग की तरह है, और मैं इन सभी आरोपों को पार कर अपने उद्देश्य तक पहुंचूंगा। उन्होंने दो टूक कहा कि उनका उद्देश्य सत्ता नहीं, बल्कि सेवा है—ताकि पाकुड़ विधानसभा की समस्याओं का स्थायी समाधान हो, आम लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए रिश्वत न देनी पड़े और अपने हक के लिए थाना-पुलिस के चक्कर न काटने पड़ें। अपनी छवि को धूमिल करने की कोशिशों पर अजहर इस्लाम ने कहा कि वह कानूनी पहलुओं पर विचार कर रहे हैं और जल्द ही न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।






