नालसा, नई दिल्ली एवं झालसा, रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ के तत्वावधान में “मेडिएशन फॉर द नेशन 2.0” अभियान के अंतर्गत आज तीन मामलों का सफलतापूर्वक सुलह-समझौता कराया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडे के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान के तहत पाकुड़ व्यवहार न्यायालय के कुटुंब न्यायालय में लंबित मामलों का समाधान किया गया। इनमें दो मामले मूल भरण-पोषण वाद संख्या 316/2025 (आयेशा खातून बनाम जयनाल शेख) तथा वाद संख्या 4/2026 (मरियम खातून बनाम आसिकुल शेख) से संबंधित थे, जबकि तीसरा मामला मूल भरण-पोषण वाद संख्या 47/2025 था। कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक के अथक प्रयास से वर्षों से अलग रह रहे दंपतियों के बीच आपसी मतभेद समाप्त हुए। सभी मामलों में पति-पत्नी ने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एक साथ रहने का निर्णय लिया और भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद से बचते हुए पारिवारिक जीवन को मिल-जुलकर निभाने का संकल्प लिया। इस सफल मध्यस्थता से न केवल न्यायालय का समय बचा, बल्कि टूटते परिवार फिर से एकजुट हो सके। प्रधान न्यायाधीश ने दंपतियों को परस्पर सम्मान, समझ और सहयोग के साथ जीवन व्यतीत करने का संदेश दिया।
यह अभियान डालसा सचिव रूपा बंदना किरो की देखरेख में संचालित किया जा रहा है। मौके पर दंपतियों के परिजन, उभय पक्षों के अधिवक्ता प्रोसेनजीत चौबे, मधुसूदन पाल, अब्दुल हन्नान एवं मो. बोजले अहमद सहित अन्य उपस्थित रहे।







