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October 12, 2026 2:47 am

आदिवासी सेंगल अभियान के सदस्यों ने राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

पाकुड़। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर 21 फरवरी को आदिवासी सेंगेल अभियान के संताल परगना महासचिव मदन मुर्मू के नेतृत्व में सदस्यों ने भारत के आदिवासी भाषाओं को बचाने, संरक्षित करने हेतु राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सबसे बड़ी आदिवासी भाषा संताली को आदिवासी बहुल प्रदेश झारखंड में प्रथम राजभाषा का दर्जा संविधान के अनुच्छेद 345 के तहत अविलंब दिया जाए। झारखंड के पड़ोसी राज्य बिहार, बंगाल, असम, उड़ीसा आदि राज्यों में भी संविधान के अनुच्छेद 347 के तहत द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिया जाए। साथ ही साथ बाकि आदिवासी भाषा हो, मुण्डारी,कुड़ुख, खड़िया आदि भाषाओं को भी राष्ट्रीय मान्यता अर्थात आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाय। मौके पर आदिवासी सेंगल अभियान के लोबिन मरांडी, सोलेमन किस्कू,सोनातन हेंब्रम, रूबीलाल किस्कू, मकु टुडू, गोमोस्ता टुडू, फिलिप सोरेन, मनोज मरांडी सहित सदस्य उपस्थित थे।

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