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April 13, 2026 4:11 pm

सुप्रीम कोर्ट में विवादित भूमि का मामला लंबित, फिर भी 29 एकड़ जमीन बिना कोर्ट के आदेश के  रजिस्टर- 2 से सीता साव का नाम हटा कर दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर कर दिया गया! अंचल कार्यालय चैनपुर पलामू  में बड़ा खेल?




जिला संवाददाता अंकित कुमार लाल

चैनपुर (पलामू): अंचल कार्यालय चैनपुर के सर्कल ऑफिसर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में लंबित एक विवादित भूमि मामले में कथित रूप से भारी भरकम राशि और स्थानीय विधायक के दबाव में डिमांड ट्रांसफर कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोजा किनी (थाना संख्या–50, खाता संख्या–41, रकबा 5.50 एकड़) तथा मोजा मथुरादोहरी (थाना संख्या–46, खाता संख्या–1,4,6, रकबा 24 एकड़) की भूमि का डिमांड वर्षों से सीता साव एवं भगवान साव के नाम से रजिस्टर–2 में चल रहा था।
बताया गया है कि उक्त भूमि से संबंधित मामला Supreme Court of India में लंबित है, जिसका क्यूरिटी पिटीशन डेयरी नंबर–30028/2025 है। मामला माननीय चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के समक्ष विचाराधीन बताया जा रहा है।
आरोप है कि इस संबंध में पूर्व में सर्कल ऑफिसर, संबंधित हल्का कर्मचारी तथा पलामू के उपायुक्त को लिखित सूचना दी गई थी कि भूमि विवादित है, अतः बिना न्यायालय के आदेश के डिमांड ट्रांसफर न किया जाए। साथ ही इस विषय की जानकारी Government of Jharkhand एवं मुख्यमंत्री को भी दी गई थी।
इसके बावजूद सर्कल ऑफिसर द्वारा कथित रूप से भू-माफियाओं के साथ मिलीभगत कर डिमांड ट्रांसफर कर दिया गया। यह भी आरोप है कि मेदिनीनगर रजिस्ट्री कार्यालय में बिना LPC (Land Possession Certificate) तथा सीता साव के वारिसानों को नोटिस दिए बिना भूमि की बिक्री की प्रक्रिया जारी है।
आरोप लगाने वाले पक्ष का कहना है कि यह कार्य न केवल न्यायालय की अवमानना के समान है, बल्कि प्रशासनिक नियमों की भी खुली अनदेखी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सोशल मीडिया के माध्यम से हस्तक्षेप करने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
जिसका प्रमाण हमारे पास उपलब्ध हैं।

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