पाकुड़ जिले में रेलवे ट्रैक पर बड़ी और खतरनाक साजिश का खुलासा हुआ है, शनिवार देर रात तिलभीटा और कोटालपोखर स्टेशन के बीच डाउन लाइन पर भारी लोहे का टुकड़ा रखकर किसी बड़े रेल हादसे को अंजाम देने की कोशिश की गई थी, सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार असामाजिक तत्वों का सीधे निशाना वनांचल एक्सप्रेस था। जानकारी के अनुसार, गया–हावड़ा एक्सप्रेस रात करीब 10 बजे पाकुड़ स्टेशन से सुरक्षित गुजर गई। इसके कुछ ही देर बाद अपराधियों ने डाउन लाइन पर करीब डेढ़ मीटर लंबा भारी लोहे का टुकड़ा रख दिया। लगभग रात 10.15 बजे जब मालगाड़ी उस ट्रैक से गुजरी तो लोहा इंजन और डिब्बों की चपेट में आ गया और घिसटते हुए 200-300 मीटर तक आगे बढ़ा। इस दौरान कई स्लीपर और पटरी क्षतिग्रस्त हो गई। तेज रगड़ की आवाज सुनकर मालगाड़ी के चालक ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। स्टेशन मास्टर को सूचना मिलने के बाद आरपीएफ और जीआरपी की टीमें मौके पर पहुंचीं। ट्रैक की मरम्मत के बाद ही वनांचल एक्सप्रेस को आगे बढ़ने की अनुमति मिली। ट्रेन करीब एक से डेढ़ घंटे देरी से पाकुड़ स्टेशन पहुंच सकी। जांच में यह भी पता चला कि वनांचल एक्सप्रेस का तय आगमन समय रात 10.23 था। बड़हरवा से रात 9.57 बजे रवाना होकर 10.15 बजे गुमानी स्टेशन पहुंचने के समय ट्रैक पर लोहे का टुकड़ा रखा गया था। इससे स्पष्ट होता है कि अपराधियों का लक्ष्य यही ट्रेन था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए रविवार को आरपीएफ इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह, सीआईबी और जीआरपी अधिकारी मौके पर पहुंचे। वरीय अधिकारियों के निरीक्षण के बाद डॉग स्क्वायड टीम भी जांच में जुटी, लेकिन प्रारंभिक जांच में कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसी क्रम में सोमवार को रेलवे पुलिस को बड़ी सफलता मिली। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से कुमारपुर गांव के पास नजमी शेख, पिता तोरब शेख को गिरफ्तार किया गया। ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर सीआईबी और आरपीएफ के हवाले किया। ग्रामीणों ने बताया कि यह काफी घृणित कार्य था जिसमें ग्रामीणों ने अपनी बदनामी समझ आरोपी की घेराबंदी कर दबोचा और पुलिस बल के हवाले किया। रेलवे ट्रैक पर जानबूझकर लोहा रखकर हादसा कराने की कोशिश के मामले में पीडब्ल्यूआई उज्जल कुमार के आवेदन पर रेलवे पुलिस ने कांड संख्या 18/26 दर्ज कर जांच शुरू की थी। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले को गंभीर साजिश मानते हुए हर एंगल से जांच में जुट गई हैं।









