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रजत भटृ/गोरखपुर: गोरखपुर एक ऐसा शहर है, जिसकी पहचान और परंपरा पुरानी है. इस शहर में कई ऐसी चीज मौजूद हैं, जो इसकी शान-ओ-शौकत को बरकरार रखती हैं. शहर में पुरानी और पारंपरिक व्यंजनों के स्वाद की बात ही कुछ और होती है. अलग स्वाद के लिए पहचान बनाने वाली ऐसी दुकानों पर शौकीनों की भीड़ लगी रहती है. गोरखपुर में भी 100 साल पुरानी इस दुकान पर कचौड़ी और जलेबी खाने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं.
गोरखपुर के लाल डिग्गी पर मौजूद बंसी की कचौड़ी यह एक ऐसी दुकान जहां 100 साल से लोग लाजवाब कचौड़ी का स्वाद ले रहे हैं. 100 साल पहले इसके सफर की शुरुआत हुई थी. आज दुकान को दो भाई अविनाश और राजेंद्र इसको चला रहे हैं. अविनाश बताते हैं कि इस दुकान की शुरुआत उनकी दादी ने की थी, फिर दादी के स्वर्गवास के बाद उनके दो बेटो ने इसे चलाया. लेकिन कुछ समय बाद बंसीलाल ने दुकान की जिम्मेदारी उठाई और इसे चलाने लगे. 23 साल पहले बंसीलाल के निधन के बाद अब इसे राजेंद्र और अविनाश चलाते हैं.
चौथी पीढ़ी ने संभाली दुकान
इस दुकान पर मेथी, अजवाइन और गर्म पानी के जरिए कचौड़ी को बनाया जाता है. साथ में सब्जी दी जाती है और इसके साथ जलेबी का भी लोग स्वाद लेते हैं. गोरखपुर के लाल डिग्गी पर बंसी की कचौड़ी मौजूद है. आज इस दुकान की जिम्मेदारी चौथी पीढ़ी उठा रही है. राजेंद्र बताते हैं कि दुकान पर पुराने समय से कचौड़ी और सब्जी की का प्रचलन चल रहा है. इसके साथ लोग जलेबी भी खाना पसंद करते हैं.
स्वाद के दीवाने हैं लोग
समय के साथ कचौड़ी की साइज कम कर दी गई, लेकिन दाम नहीं बढ़ाया गया. आज भी यहां 7 और 10 रुपऐ में कचौड़ी और सब्जी मिल जाती है. दुकान पर सुबह 7 से दोपहर 11 बजे तक कचौड़ी सब्जी मिलती है. फिर उसके बाद समोसा और कई तरह की चीज यहां मिलने लगती है. हर दिन लगभग 10 से 12 हजार का सेल होता है. लोग यहां सबसे ज्यादा कचौड़ी सब्जी इंजॉय करते हैं. सुबह होते ही यहां लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है. कचौड़ी और जलेबी खाने यहां दूर-दूर से आते हैं.
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Tags: Food 18, Gorakhpur news, Uttar pradesh news
FIRST PUBLISHED : November 27, 2023, 14:44 IST
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