बच्चों को सही तालीम देना जरूरी: मो० मोताहार हुसैन
काजीरुल शेख
पाकुड़: पाकुड़ सदर प्रखंड के देवतला गांव स्थित मदरसा जामिया अरबिया दारुल उलूम अस सलाफिया में मंगलवार देर रात को वार्षिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मदरसा के छात्रों एवं स्थानीय समाजसेवियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। इस दौरान कई प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में कामयाब छात्रों को मदरसा के प्रिंसिपल मोहम्मद मोताहार हुसैन असारी द्वारा सम्मानित किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रिंसिपल मोहम्मद मोताहार हुसैन असारी ने कहा कि मुस्लिम समाज को अपने बच्चों को ऐसी तालीम दिलानी चाहिए, जिससे वह अपनी कौम के साथ मुल्क की तरक्की में भी अहम भूमिका अदा कर सकें। इसके लिए बच्चों में दीनी व असरी तालीम भी होना जरूरी है।इससे पूर्व स्थानीय समाजसेवी व गण्यमान्यों ने मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों की शैक्षिक योग्यता पर संतोष जाहिर किया और मदरसा प्रबंधक कमेटी की प्रशंसा की। उन्होंने बच्चों को और कठोर परिश्रम करने की सलाह देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। वही मदरसा प्रबंधन के संपादक असीकुल शेख ने कहा कि शिक्षा के जरिए लोगों के जीवन मैं बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को नसीहत करते हुए कहा कि अपने और अपने परिवार के बेहतर कल के लिए शिक्षित होना जरूरी है। शिक्षा प्राप्त कर अपने परिवार व शहर का नाम रोशन करें। जीवन में सफलता प्राप्त कर अपने उद्देश्यों को पूरा करें। असीकुल ने यह भी बताया कि गांव में महिला मदरसा की निर्माण की कवायात शुरू की गई है। जल्द ही महिला मदरसा का निर्माण स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से किया जाएगा। वहीं किस्मत कदमसर के मुखिया आरिफ हुसैन ने कहा कि शिक्षा के जरिए लोगों के जीवन मैं बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को नसीहत करते हुए कहा कि अपने और अपने परिवार के बेहतर कल के लिए शिक्षित होना जरूरी है। शिक्षा प्राप्त कर अपने परिवार व शहर का नाम रोशन करें। जीवन में सफलता प्राप्त कर अपने उद्देश्यों को पूरा करें यह कहना है।वही मदरसा के कैसियर सबीरुद्दीन शेख सक्रिय सदस्य सामसुद्दिन शेख ने बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की और आगे भी इस तरह की प्रतियोगिता मदरसे में होने की बात कही। बता दें कि इस मदरसे में क्षेत्र के करीब 800 से अधिक छात्रों को निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। छात्र मदरसा में रहकर ही शिक्षा प्राप्त करते हैं। रहना खाना भी सबके लिए निशुल्क है। मदरसा के बच्चों ने बताया कि हाफिज के साथ साथ व कंप्यूटर साइंस,मेडिकल, प्रशासनिक नौकरी में भी अपने भविष्य की तलाश के लिए आगे की शिक्षा जारी रखेंगे, ताकि समाज में संस्कार के साथ-साथ शिक्षा के महत्व को भी समझा जा सके।इस मौके पर शिक्षक मोहम्मद दिलदार हुसैन मदनी, सलाहुद्दीन शेख सलाफी, अशराफुल हक सलाफी, मोहम्मद आलम सलाफी, बनी इसराइल अरफी, मोहम्मद मोतिउर रहमान, फखरुद्दीन मोहम्मदी, नसीरुद्दीन रहमानी, जियाउर रहमान सलफी, मोहम्मद ओलीउल्लाह अलियावी, सफीक मोल्ला, तफज्जुल हुसैन, बदरुल इस्लाम, मोहम्मद शफीउर रहमान, जर्जिस अली, अब्दुल हमीद, सलमान अहमद, रजाउल हक व मदरसा कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।







