इकबाल हुसैन
महेशपुर प्रखंड के बाबुदहा पंचायत में सोमवार को बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान को मजबूती मिली। इस अवसर पर सीडीपीओ नीलू रानी और महिला पर्यवेक्षिका डिम्पल प्रिया की अगुवाई में आंगनबाड़ी सेविकाओं और ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से बाल विवाह न करने और न होने देने की शपथ ली। कार्यक्रम के दौरान सीडीपीओ नीलू रानी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाल विवाह लड़कियों के सर्वांगीण विकास में सबसे बड़ी बाधा है। इससे उनकी शिक्षा अधूरी रह जाती है, स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और पोषण जैसे बुनियादी अधिकारों से वे वंचित हो जाती हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे कानून का पालन करें और बच्चों—खासतौर पर बेटियों—की पढ़ाई और भविष्य को प्राथमिकता दें। महिला पर्यवेक्षिका डिम्पल प्रिया ने भी ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है, जिसे सामूहिक प्रयासों से ही रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि किसी भी संदिग्ध स्थिति की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें और अभियान में सक्रिय सहयोग करें।





