सड़क सुरक्षा माह के तहत गुरुवार को पचुवारा नॉर्थ कोल माइंस के कोयला लोडिंग प्वाइंट के समीप सड़क सुरक्षा एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कोयला परिवहन में लगे ट्रक चालकों और सहायकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा उनका स्वास्थ्य परीक्षण करना था। कार्यक्रम में जिला परिवहन पदाधिकारी मिथलेश कुमार चौधरी, पुलिस उपाधीक्षक (मु) जितेंद्र कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी महेशपुर विजय कुमार, अंचल अधिकारी अमड़ापाड़ा औसाफ खान, मोटरयान निरीक्षक अमित कुमार सहित जिला सड़क सुरक्षा टीम के सदस्य उपस्थित रहे। इस मौके पर जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ट्रक चालकों से सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग से बचने तथा कोयला लदे ट्रकों को तिरपाल से ढककर चलाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान परियोजना प्रभावित ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं के बीच 200 हेलमेट का वितरण किया गया। इसके अलावा 200 टी-शर्ट, 200 कैप और 200 फर्स्ट एड किट भी वितरित की गईं। वहीं कंपनी की ओर से जिला परिवहन कार्यालय, पाकुड़ को 3 ब्रेथ एनालाइजर और फर्स्ट एड किट उपलब्ध कराए गए, जिससे सड़क सुरक्षा प्रवर्तन को और मजबूत किया जा सके।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण अमड़ापाड़ा स्थित कौशल विकास केंद्र के विद्यार्थियों को एलएमवी ड्राइविंग लाइसेंस का वितरण रहा। कंपनी ने परियोजना प्रभावित युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से शीघ्र ही एचईएमएम सिम्युलेटर स्थापित करने की घोषणा भी की। इस अवसर पर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी दिलीप तमन, पी. वी. शिवचंद्र, चंद्रशेखर और याकूब रेड्डी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन संजय बेसरा, महाप्रबंधक (सीएसआर एवं पीआर) ने किया। आयोजकों ने इसे सड़क सुरक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।












