राजकुमार भगत
पाकुड़ जिले को फाइलेरिया-मुक्त बनाने के लिए मंगलवार से विशेष अभियान की शुरुआत कर दी गई। शहर के डीएवी पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. सुरेन्द्र कुमार मिश्रा, जिला भीवीडी पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार और जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. के.के. सिंह ने संयुक्त रूप से अभियान का शुभारंभ किया। अभियान 10 से 25 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर फाइलेरिया रोधी दवा खिलाएंगी। जिले के 1134 गांवों और शहरी क्षेत्र के 21 वार्डों के कुल 2,30,229 घरों को कवर किया जाएगा। सिविल सर्जन ने खुद दवा सेवन कर लोगों को जागरूक किया और अपील की कि सभी लोग निर्धारित तिथि पर दवा जरूर लें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि फाइलेरिया संक्रमित मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। समय पर इलाज और दवा नहीं लेने पर यह बीमारी स्थायी विकलांगता का कारण बन सकती है। अल्बेंडाजोल सहित तय दवाओं का सेवन फाइलेरिया से बचाव में कारगर है। कार्यक्रम के दौरान एक फाइलेरिया मरीज को एमएमडीपी किट भी दी गई।
दवा लेने से पहले सावधानी जरूरी
खाली पेट दवा न लें। एक साल से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और गंभीर रूप से बीमार लोग दवा नहीं लें। दवा के बाद हल्का बुखार, सिरदर्द, उल्टी या बदन दर्द होना सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है।
फाइलेरिया से बचाव के उपाय।
घर के आसपास पानी जमा न होने दें, सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और एमडीए अभियान के दौरान दी जाने वाली दवाएं अनिवार्य रूप से लें।







