कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के निर्धारित मानकों एवं सही लोकेशन पर संचालन नहीं करने वाले प्रज्ञा केंद्रों के विरुद्ध सीएससी मुख्यालय, नई दिल्ली द्वारा सख्त कार्रवाई की गई है। इसके तहत पाकुड़ जिले के कुल 329 सीएससी आईडी को निरस्त (बंद) कर दिया गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला प्रबंधक, सीएससी पाकुड़ संतोष शीला हेंब्रम ने बताया कि जिले में संचालित कई प्रज्ञा केंद्र सीएससी द्वारा निर्धारित नियमों एवं मानकों का अनुपालन नहीं कर रहे थे। जांच के दौरान यह पाया गया कि अनेक सीएससी आईडी बिना स्थायी केंद्र, उचित कॉमन ब्रांडिंग, रेट चार्ट एवं अन्य आवश्यक नियमों के पालन के संचालित की जा रही थीं। उन्होंने बताया कि हाल ही में 329 सीएससी आईडी निरस्त की गई हैं, वहीं आने वाले दिनों में नियमों के उल्लंघन की स्थिति पाए जाने पर और भी सीएससी आईडी पर कार्रवाई की जा सकती है।सीएससी केंद्र संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए बताया गया कि सीएससी केंद्र स्थायी रूप से उपलब्ध होना अनिवार्य है। केंद्र पर निर्धारित कॉमन ब्रांडिंग अनिवार्य रूप से फ्रेम में लगी होनी चाहिए; केवल चिपकाना या लटकाना मान्य नहीं होगा। कॉमन ब्रांडिंग में स्टेट लोगो एवं सीएससी आईडी स्पष्ट रूप से अंकित होनी चाहिए, किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या परिवर्तन स्वीकार्य नहीं होगा। रेट चार्ट केंद्र पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होना चाहिए। सभी लेन-देन प्रतिदिन केवल सीएससी आईडी के माध्यम से ही किए जाएं। सभी प्रज्ञा केंद्र संचालकों के लिए पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य है। जिन प्रज्ञा केंद्र संचालकों की सीएससी आईडी निरस्त की गई है, वे उपरोक्त सभी निर्देशों का पूर्ण अनुपालन करते हुए तत्काल अपने जिला प्रबंधक से संपर्क करें। सभी मानकों का शत- प्रतिशत पालन सुनिश्चित होने के पश्चात ही सीएससी आईडी को पुनः चालू करने पर विचार किया जाएगा। वर्तमान में राज्य भर में सभी सीएससी प्रज्ञा केंद्रों की गहन जांच एवं भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया निरंतर जारी है। विदित हो कि इस संबंध में सीएससी रांची मुख्यालय द्वारा राज्य के सभी जिला प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने- अपने जिलों में संचालित सभी सीएससी प्रज्ञा केंद्रों की सघन जांच सुनिश्चित करें।केवल वही प्रज्ञा केंद्र संचालक संचालन की अनुमति प्राप्त करेंगे, जो सीएससी द्वारा निर्धारित सभी मानकों का पूर्ण रूप से पालन करते हुए पाए जाएंगे।









