पाकुड़। Safer Internet Day के मौके पर समाहरणालय सभागार में एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें सरकारी कार्यालयों की साइबर सुरक्षा, आम लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के उपाय और साइबर अपराध की कानूनी प्रक्रिया पर जानकारी दी गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि सभी कार्यालयों में एंटीवायरस समेत जरूरी सुरक्षा उपाय अनिवार्य रूप से लागू किए जाएं। कार्यालयीन काम के लिए केवल ऑरिजिनल सॉफ्टवेयर का ही इस्तेमाल हो। बच्चों और युवाओं को सुरक्षित व सकारात्मक इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक करना जरूरी है। अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन ने बताया कि शॉर्टकट से पैसे कमाने के लालच में लोग साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं। डिजिटल अरेस्ट, ज्यादा रिटर्न का झांसा, निवेश स्कीम और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए ठगी की जा रही है। उन्होंने अनजान कॉल, वीडियो कॉल और लिंक से दूरी रखने, सार्वजनिक वाई-फाई और पब्लिक चार्जिंग पॉइंट से बचने की सलाह दी। जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी रवि प्रकाश ने कहा कि किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसके डोमेन की जांच करें। फर्जी वेबसाइट और एसएमएस लिंक से सावधान रहें। डीएसपी अजय आर्यन ने कहा कि डर या लालच में आकर कोई भी बैंक डिटेल, ओटीपी, आधार-पैन की जानकारी साझा न करें। कार्यशाला में बताया गया कि साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर ट्रांजेक्शन ब्लॉक कराएं। कार्यक्रम में एआई, डीपफेक, सोशल मीडिया सुरक्षा, ऑनलाइन फ्रॉड, व्हाट्सएप सुरक्षा और डिजिटल अरेस्ट जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।






