दो बेटियों का अकेला सहारा था सुनील, बहन के घर रहकर कर रहा था मजदूरी, इलाज के दौरान तोड़ा दम।
पाकुड़िया/बन्नोग्राम –मजदूरी के बकाया पैसे मांगना बन्नोग्राम निवासी सुनील लेट को इतना भारी पड़ जाएगा, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। सोमवार को हुई मामूली कहासुनी ने हिंसा का ऐसा रूप लिया कि एक मेहनतकश मजदूर की जान चली गई। जानकारी के मुताबिक, रद्दीपुर निवासी सुनील लेट पत्नी की मौत के बाद टूटा हुआ जीवन जी रहा था। अपनी दो मासूम बेटियों को लेकर वह बन्नोग्राम गांव में बहन के घर रहकर खेतों में मजदूरी कर जीवन बसर कर रहा था। बताया जाता है कि 7 जुलाई को सुनील, अपने मेहनत की मजदूरी मांगने किसान विकास लेट और विलास लेट के पास गया था। लेकिन बकाया भुगतान के बजाय उसे गालियों और घूंसे-लातों से ऐसा मारा गया कि वह वहीं बेहोश होकर गिर पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही सुनील की बहन माया लेट मौके पर पहुँची और उसे आनन-फानन में इलाज के लिए पहले गांव में प्राथमिक चिकित्सा दिलवाई। हालत बिगड़ने पर नलहटी होते हुए रामपुरहाट अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद सुनील की बहन अलफन लेट की शिकायत पर पाकुड़िया थाना में विकास लेट और विलास लेट के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।





