पाकुड़। व्यवहार न्यायालय स्थित कुटुंब न्यायालय में वर्षों से अलग रह रहे दंपति के बीच चल रहा विवाद आखिरकार सुलह में बदल गया। प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक के सतत प्रयास से ओरिजनल सूट वाद संख्या 152/2025 (अकबर अंसारी बनाम सोना बीबी) का सौहार्दपूर्ण समाधान हुआ। दोनों पक्षों ने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर साथ रहने का संकल्प लिया। सुलह के दौरान पति-पत्नी ने एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए पारिवारिक जीवन शांतिपूर्ण ढंग से बिताने और भविष्य में किसी प्रकार के विवाद से बचने का वादा किया। न्यायालय की इस पहल से टूटता परिवार फिर एक हो गया और घर में खुशियां लौट आईं। प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक ने दंपति को आपसी समझ, संयम और संवाद के साथ जीवन जीने की सीख दी तथा परिवार के साथ मिल-जुलकर रहने का आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर न्यायालय कर्मी, दोनों पक्षों के अधिवक्ता अब्बास अली और बैद्यनाथ भंडारी, तथा परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।










