गुरुजी की विचारधारा को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं हेमंत सोरेन: स्टीफन मरांडी
गुरुजी के सपनों को साकार करने दुमका पहुंचेंगे हजारों कार्यकर्ता: हेमलाल मुर्मू
पाकुड़: पाकुड़ के लड्डू बाबू बागान में सोमवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जिला समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता पंकज मिश्रा, लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू और महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी 2 फरवरी को दुमका में आयोजित झारखंड मुक्ति मोर्चा के स्थापना दिवस समारोह को भव्य और ऐतिहासिक बनाने को लेकर रणनीति तैयार करना रहा। इस दौरान पाकुड़ जिले से अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को दुमका ले जाने की योजना पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय प्रवक्ता पंकज मिश्रा ने कहा कि इस वर्ष झामुमो का स्थापना दिवस पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि लोग तीर-धनुष और नगाड़ा के साथ दुमका पहुंचें और पूरे संताल परगना में उत्सव का माहौल बनाएं।उन्होंने निर्देश दिया कि हर गांव और हर गली में “2 फरवरी दुमका चलो” का दीवार लेखन किया जाए।पंकज मिश्रा ने भावुक होते हुए कहा कि इस बार कार्यक्रम दिवंगत आदरणीय गुरुजी शिबू सोरेन के बिना आयोजित किया जाएगा, लेकिन इससे उत्साह में कोई कमी नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि “गुरुजी के सारे गुण हमारी मां समान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन में समाहित हैं, इसलिए यह आयोजन पहले से भी अधिक मजबूत और प्रभावशाली होगा।बैठक में संगठन को मजबूत करने और स्थापना दिवस को जन आंदोलन का रूप देने पर भी जोर दिया गया।वहीं, लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि आदिवासी-मूलवासी अस्मिता और संघर्ष की पहचान है।उन्होंने कहा कि “2 फरवरी को दुमका में होने वाला स्थापना दिवस कार्यक्रम झारखंड की दिशा और दशा तय करने वाला होगा। पाकुड़ जिले से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता दुमका पहुंचेंगे और गुरुजी के सपनों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेंगे।वहीं, महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि संघर्ष और संकल्प का दिन है।उन्होंने कहा कि “गुरुजी शिबू सोरेन ने जिन विचारों और मूल्यों के साथ पार्टी की नींव रखी थी, आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उसी विचारधारा को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं। 2 फरवरी का दुमका कार्यक्रम झामुमो की एकता और ताकत का प्रदर्शन होगा।प्रो. मरांडी ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अनुशासन और संगठनात्मक एकजुटता के साथ कार्यक्रम को सफल बनाएं।









