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March 15, 2026 7:49 pm

पाकुड़ में पहली बार उन्नत चट्टान अपक्षय तकनीक का इस्तेमाल, धान की खेती से कार्बन डाइऑक्साइड को किया जाएगा कम

100 एकड़ खेत में होगा पायलट प्रोजेक्ट, धान उत्पादन बढ़ने के साथ पर्यावरण को भी मिलेगा फायदा

पाकुड़: पाकुड़ जिले में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक बड़ी और नवाचारी पहल की गई है। जिला कृषि पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार और माटी कार्बन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट (ऑपरेशन) भावेश मल्होत्रा के बीच एक गैर-वित्तीय एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता उन्नत चट्टान अपक्षय तकनीक के माध्यम से वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर पर्यावरणीय संकटों से लड़ने के लिए किया गया है।एमओयू के तहत दोनों पक्षों ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पाकुड़ जिले में 100 एकड़ धान के खेतों में तकनीक के प्रत्यक्षण को लेकर सहमति दी है। इस दौरान भावेश मल्होत्रा ने बताया कि इस तकनीक से धान की उपज में 20 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि होती है। साथ ही मिट्टी के माध्यम से कार्बन डाइऑक्साइड को तेजी से अवशोषित किया जा सकता है, जिससे जलवायु परिवर्तन के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी।यह तकनीक न सिर्फ किसानों की आमदनी बढ़ाएगी, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए पर्यावरण को सुरक्षित करने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगी।

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