बेटे को सामने देख फूट-फूटकर रोए परिजन, गांव में जश्न का माहौल।
इकबाल हुसैन
महेशपुर। प्रखंड के धनजोड़ी गांव में उस वक्त भावुक माहौल बन गया, जब एक साल से लापता चल रहे लक्ष्मण सकुशल घर लौटे। बेटे को सामने देखते ही माता-पिता और परिजन रो पड़े। गांव में खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने इस वापसी को किसी चमत्कार से कम नहीं बताया। जानकारी के अनुसार लक्ष्मण बीते एक वर्ष से राजस्थान के राजगढ़ (चूरू) जिले के सादुलपुर क्षेत्र में भटक रहे थे। परिवार से बिछड़ने के बाद वह लगातार घर लौटने की कोशिश में थे। आखिरकार संयुक्त प्रयासों से उन्हें सुरक्षित धनजोड़ी पहुंचाया गया। लक्ष्मण की सकुशल वापसी उपासना मरांडी और प्रशासन की समन्वित पहल से संभव हो सकी। मामले में उन्होंने व्यक्तिगत रुचि लेते हुए लगातार प्रशासन से संपर्क रखा और खोजबीन में अहम भूमिका निभाई। उनके प्रयासों का नतीजा रहा कि परिवार को एक साल बाद अपना बेटा मिल सका। घर पहुंचते ही परिजनों ने उपासना मरांडी का आभार जताया। परिवार ने कहा कि वे उम्मीद लगभग छोड़ चुके थे, लेकिन आज उनकी प्रार्थना पूरी हो गई। ग्रामीणों ने भी जनप्रतिनिधि और प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।
इस मौके पर उपासना मरांडी ने कहा कि क्षेत्र की जनता का सुख-दुख उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन के आपसी समन्वय से ही लोगों की समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है। लक्ष्मण की वापसी से धनजोड़ी गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीण इसे मानवीय संवेदना और सामूहिक प्रयासों की मिसाल बता रहे हैं।






