पाकुड़: डीपीएम ने सभी ग्राम पंचायतों को ग्रीष्मऋतु में पेयजल की समस्या को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया जिसमें ग्राम पंचायत को तीन जोन में रेड, येलो एवं ग्रीन जोन में विभाजित करने का निर्देश दिया गया। रेड जोन में वैसे क्षेत्र जहाँ पेयजल का स्रोत नहीं के बराबर है। वहाँ टैंकर के माध्यम से जलापूर्ति की जायेगी। उक्त क्षेत्रों में जल के स्टोरेज हेतु जगह -जगह पर स्टोरेज टैंक बनाने का निर्देश दिया गया। येलो जोन में वैसे क्षेत्र आयेंगे जहाँ पेयजल की सुविधा उपलब्ध है परंतु पर्याप्त नहीं है उन क्षेत्रों में पेयजलापूर्ति हेतु जलस्रोतों को बढ़ाने यथा पाइपलाइन विस्तारीकरण, जल स्रोतों का सुदृढ़ीकरण करने का निर्देश दिया गया। ग्रीन जोन में वैसे क्षेत्र जहाँ पेयजल की समस्या अत्यंत कम है वही जल संरक्षण से संबंधित कार्य करने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त 15 वें वित्त आयोग अंतर्गत व्यय, पंचायत सचिवालय सुदृढ़ीकरण योजना में व्यय, उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा किए जाने के स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपरोक्त बैठक में प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, प्रखंड समन्वयक, पंचायत राज स्वशासन परिषद समेत अन्य उपस्थित थे।





