अमड़ापाड़ा—होली त्योहार को लेकर रविवार को अमड़ापाड़ा थाना परिसर में आयोजित शांति समिति की बैठक इस बार शांति व्यवस्था से अधिक क्षेत्रीय समस्याओं पर केंद्रित रही। बैठक की अध्यक्षता बीडीओ प्रमोद कुमार गुप्ता ने की। इसमें अंचलाधिकारी औसाफ अहमद खां और थाना प्रभारी मदन कुमार शर्मा भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने अमड़ापाड़ा बाजार में उड़ते धूलकणों और कोल कंपनियों की कथित लापरवाही को लेकर तीखा विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का कहना था कि कोल उत्खनन और भारी वाहनों के लगातार परिचालन से थाना से दुर्गा मंदिर तक पूरा बाजार धूल में डूबा रहता है। न तो सड़कों की मरम्मत कराई जा रही है, न नियमित रूप से पानी का छिड़काव होता है और न ही स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था है। ग्रामीणों का आक्रोश उस समय और बढ़ गया जब बैठक में क्षेत्र में सक्रिय दोनों कोल कंपनियों—बीजीआर और डीबीएल—का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं मिला। लोगों ने इसे कंपनियों की घोर लापरवाही बताया।
प्रशासन का सख्त रुख, तत्काल निर्देश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीओ औसाफ अहमद खां ने बैठक के दौरान ही डीबीएल कंपनी के अधिकारी से फोन पर बात कर कड़ी फटकार लगाई और निर्देश दिया कि बाजार क्षेत्र में प्रतिदिन सुबह, दोपहर और शाम—तीन बार अनिवार्य रूप से पानी का छिड़काव कराया जाए। ग्रामीणों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि धूलकण की समस्या से जल्द निजात नहीं मिली तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर
होली के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखने को लेकर थाना प्रभारी मदन कुमार शर्मा ने सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आपत्तिजनक या भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपद्रवियों और समाज विरोधी तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी।
शांतिपूर्ण होली की अपील।
बैठक के अंत में बीडीओ और सीओ ने कहा कि अमड़ापाड़ा आपसी भाईचारे की मिसाल रहा है। उन्होंने दोनों समुदायों से शांतिपूर्ण, संयमित और सौहार्दपूर्ण तरीके से होली मनाने की अपील की। बैठक में एसआई चंदन कुमार, संतोष भगत, नारायण भगत, मुखिया गयालाल देहरी, साहेबजन टुडू, मो. आफताब, कन्हाई भगत, मो. महफूज आलम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय प्रतिनिधि मौजूद थे।






