80% लोगों ने खाई दवा, शेष 20% भी नहीं रहेंगे वंचित: डीसी
सामूहिक भागीदारी से ही संभव फाइलेरिया मुक्त जिला: डीसी
पाकुड़: पाकुड़ जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के उद्देश्य से 10 फरवरी से 25 फरवरी तक चल रहे फाइलेरिया मुक्ति अभियान के तहत शनिवार को सिद्धू-कानू पार्क स्थित वीआईपी रोड में विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जिले भर के सैकड़ों टोटो चालकों को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराया गया।कार्यक्रम में उपायुक्त मनीष कुमार ने टोटो जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की। साथ ही सभी टोटो चालकों को पीले रंग की टी-शर्ट वितरित की गई, ताकि वे अभियान के ‘चलते-फिरते दूत’ बनकर आम लोगों को जागरूक कर सकें।उपायुक्त ने टोटो चालकों से अपील की कि वे अपने वाहन में बैठने वाले प्रत्येक यात्री को फाइलेरिया रोधी दवा के सेवन के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि अब तक जिले के लगभग 80 प्रतिशत लोगों ने दवा का सेवन कर लिया है, शेष 20 प्रतिशत लोगों तक दवा पहुंचाना लक्ष्य है। इसके लिए मेडिकल टीम घर-घर जाकर दवा खिला रही है।उन्होंने जोर देकर कहा कि सामूहिक सहभागिता और व्यापक जनजागरूकता से ही पाकुड़ को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान में आम जनता से सहयोग की अपील की गई है, ताकि जिले को इस गंभीर बीमारी से स्थायी रूप से मुक्त किया जा सके।








