पाकुड़। ईद की खुशी में गरीबों को शामिल कर चर्चित समाजसेवी लुत्फल हक ने एक बार फिर से मिसाल पेश किया है। ईद उल फितर के मौके पर शनिवार की शाम वे हर साल की तरह पाकुड़ रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां पिछले करीब ढाई साल से उनकी ओर से तकरीबन तीन सौ गरीबों को रात का भोजन खिलाया जाता है। लुत्फल हक ने सबसे पहले व्यवस्था का जायजा लिया और खुद भी भोजन किया। ताकि भोजन की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं आए। इसके बाद उन्होंने अपने हाथों से वहां मौजूद गरीबों की थाली में भोजन परोसा। उन्होंने खुद वहां गरीबों के साथ मिलकर भोजन किया। इतना ही नहीं, उन्होंने गुणवत्ता और स्वाद को लेकर भोजन कर रहे लोगों से जानकारी भी ली। ईद के खास मौके पर दाल, चावल, दो तरह की सब्जी, पापड़, रसगुल्ला, अचार परोसे गए। इसके साथ-साथ पानी बोतल भी दिया गया। इस दौरान भोजन करने वाले लोगों में खुशी देखी गई। लोगों ने समाजसेवी लुत्फल हक के लिए प्रार्थना की और दुआएं मांगी। बता दें कि समाजसेवी लुत्फल हक सालों से गरीबों को आर्थिक मदद से लेकर गरीब बेटियों की पढ़ाई और शादी, असहाय मरीजों के इलाज में मदद करते आ रहे हैं। अस्पताल में ऑक्सीजन की व्यवस्था, हेलमेट का निःशुल्क वितरण, शिक्षण संस्थानों को आर्थिक मदद भी करते रहे हैं। उनके पास मदद के लिए आने वाले कोई भी व्यक्ति खाली हाथ नहीं लौटता। उन्हें गरीबों को मदद करने में खुशी महसूस होती है। यही वजह है कि पाकुड़ रेलवे स्टेशन में पिछले करीब ढाई साल से तीन सौ से ज्यादा लोगों को निरंतर रात का भोजन कराया जाता है। ईद के खास मौकों पर हर साल यहां गरीबों के बीच पहुंचने की कोशिश जरूर करते हैं। इसी तरह शनिवार को ईद उल फितर के मौके पर वे स्टेशन पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि गरीबों की सेवा किसी भी तरह की पब्लिसिटी के लिए नहीं करते, बल्कि इससे उन्हें खुशी मिलती है। एक अलग तरह का सुकून मिलता है। उन्होंने कहा कि मैं हर साल यहां आने का प्रयास करता हूं। अल्लाह ताला से धुआं करता हूं कि मुझे इसी तरह गरीबों के साथ समय बिताने और असहाय लोगों को मदद करने का अवसर मिलता रहे। मैं अल्लाह ताला का शुक्रगुजार हूं कि आज भी मुझे यह अवसर दिया।







