सुधीर सिन्हा
जमुआ, (गिरिडीह)। जमुआ विधानसभा क्षेत्र की जनता की सुविधा, प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा क्षेत्र के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए जमुआ विधायक मंजु कुमारी ने झारखंड विधानसभा में तारांकित प्रश्न के माध्यम से जमुआ एवं देवरी प्रखंड को मिलाकर अलग जमुआ अनुमंडल के गठन का महत्वपूर्ण मुद्दा उठाई। सदन में जमुआ विधायक ने सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया कि वर्तमान में जमुआ एवं देवरी प्रखंड खोरीमहुआ अनुमंडल के अंतर्गत आते हैं, जबकि भौगोलिक एवं प्रशासनिक दृष्टि से ये दोनों प्रखंड विपरीत दिशा में स्थित हैं। इसके कारण आम जनता को छोटे-छोटे प्रशासनिक कार्यों के लिए भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जमुआ और देवरी प्रखंड की जनसंख्या, क्षेत्रफल और प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए अलग अनुमंडल का गठन समय की मांग है। यदि “जमुआ अनुमंडल” का गठन होता है तो न केवल प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी बल्कि क्षेत्र के लाखों लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ भी आसानी से मिल सकेगा। सरकार की ओर से उत्तर में बताया गया कि किसी भी नए अनुमंडल के गठन के लिए संबंधित जिला के उपायुक्त द्वारा प्रस्ताव भेजे जाने के बाद प्रमंडलीय आयुक्त की अनुशंसा के साथ इसे उच्चस्तरीय समिति के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया जाता है। समिति की अनुशंसा प्राप्त होने के बाद ही सरकार अंतिम निर्णय लेती है। जमुआ विधायक मंजु कुमारी ने सरकार से आग्रह किया है कि जमुआ एवं देवरी क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को गंभीरता से लेते हुए “जमुआ अनुमंडल” के गठन की दिशा में सकारात्मक पहल की जाए, ताकि लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए दूर-दराज भटकना न पड़े और क्षेत्र का विकास और भी तेज गति से हो सके।




