पाकुड़ | पुलिस लाइन में बुधवार को प्रकृति पूजा और भाईचारे का प्रतीक सोहराय पर्व पूरे उल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाया गया। शहीद अमरजीत बलिहार स्टेडियम, पुलिस लाइन में आयोजित इस कार्यक्रम में आदिवासी परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना, सांस्कृतिक प्रस्तुति और सामूहिक सहभागिता देखने को मिली।
सोहराय मिलन समारोह की मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत थाना परिसर में पारंपरिक विधि से प्रकृति पूजा के साथ हुई। पूजा के बाद प्रसाद वितरण किया गया और अतिथियों द्वारा पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। अतिथियों का स्वागत पंची पहनाकर पारंपरिक तरीके से किया गया। समारोह में आदिवासी समाज की नृत्य मंडलियों ने मांदर की थाप पर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को उत्सवमय बना दिया। पुलिस अधिकारी, सभी थानों के थाना प्रभारी, पुलिस पदाधिकारी और जवान भी मांदर की थाप पर नृत्य करते नजर आए, जिससे आपसी सौहार्द और सहभागिता का संदेश स्पष्ट रूप से उभरा। इस अवसर पर एसपी निधि द्विवेदी ने कहा कि सोहराय केवल पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति से जुड़ाव और भाई-बहन के प्रेम का संदेश देने वाला उत्सव है। आदिवासी समाज की यह परंपरा प्रकृति संरक्षण की सीख देती है, जिसे आज पूरे समाज को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि झारखंड में प्रकृति को बचाने में आदिवासी समाज की भूमिका अहम रही है और यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक है। सोहराय मिलन समारोह को सफल बनाने में पुलिस अधिकारी सनातन मांझी, किशोर हांसदा, गोसाई किस्कू, सनत सोरेन, खुशीलाल महतो, गौतम कुमार, जगन्नाथ सुंडी, दिलीप कुमार बास्की, ईश्वर मरांडी सहित अन्य पुलिसकर्मियों की सक्रिय भूमिका रही।












