पाकुड़। पाकुड़ जिला इस वक्त प्रतिबंधित एटीएम लॉटरी के काले कारोबार का गढ़ बन चुका है। कानून की नज़र से दूर नहीं, बल्कि कानून को खुली चुनौती देते हुए यह अवैध धंधा खुलेआम चल रहा है। गरीब, ग्रामीण और भोली-भाली जनता को “रातों-रात लखपति” बनाने का झांसा देकर उनकी मेहनत की कमाई लूटी जा रही है। इस पूरे खेल में SPT Act (Santhal Pargana Tenancy Act) की सरेआम अवहेलना हो रही है, जो आदिवासी और स्थानीय समाज की सुरक्षा के लिए बना है।
सूत्रों की मानें तो पाकुड़ के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में यह अवैध एटीएम लॉटरी कारोबार पूरे नेटवर्क के साथ संचालित हो रहा है। इस काले धंधे का मास्टरमाइंड शमीम बताया जा रहा है, जबकि बगदाद, अख्तरारुल, मंज़ारुल, अलीमुद्दीन, बसीर, मुकीम और कुर्बानी उसके साथ मिलकर संगठित गिरोह के रूप में इस अवैध कारोबार को चला रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों में एटीएम लॉटरी के नाम पर लोगों से लगातार पैसे जमा कराए जा रहे हैं। बड़े इनाम का लालच देकर गरीबों को फंसाया जा रहा है और बाद में उन्हें ठगी का एहसास तक नहीं होने दिया जाता। जानकारों का कहना है कि यह सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि SPT Act की आत्मा पर सीधा हमला है, जिसका उद्देश्य संथाल परगना क्षेत्र के लोगों को शोषण से बचाना है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतने बड़े पैमाने पर चल रहे इस अवैध कारोबार पर अब तक कोई ठोस और सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। इससे पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर किसके संरक्षण में यह काला खेल चल रहा है?
खबर लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन आम जनता में भारी आक्रोश है। लोगों की दो टूक मांग है कि एटीएम लॉटरी के इस काले कारोबार पर तुरंत शिकंजा कसा जाए और दोषियों के खिलाफ SPT Act सहित अन्य कठोर धाराओं में कार्रवाई कर उन्हें कानून का असली चेहरा दिखाया जाए।





